Kanwar Yatra 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस इस बार कांवड़ यात्रा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने जा रही है। 11 जुलाई से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लाखों कांवड़िए गुजरते हैं, जो हरिद्वार या गढ़ मुक्तेश्वर से गंगाजल भरकर अपने-अपने इलाकों में शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं। इस यात्रा को लेकर यूपी पुलिस ने सुरक्षा से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक का पूरा मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कांवड़ यात्रा के रास्तों का हवाई सर्वेक्षण भी किया था और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी कांवड़िए को कोई परेशानी न हो और गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने आगामी कांवड़ यात्रा 2025 को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य के पुलिस अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बार यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, निगरानी और सुविधा के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की गई है। पूरे कांवड़ मार्ग पर लगभग 30 हजार (29,454) सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 1,845 जल सेवा केंद्र, 829 चिकित्सा शिविर और 1,222 पुलिस सहायता केंद्र या कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। हर कांवड़ शिविर में एंटी-सबोटाज चेकिंग के बाद सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था में 587 अधिकारी, 2,040 इंस्पेक्टर, 13,520 सब इंस्पेक्टर, 39,965 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल, 1,486 महिला सब इंस्पेक्टर और 8,541 महिला कांस्टेबलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, 50 पैरामिलिट्री और पीएसी कंपनियां, 1,424 होमगार्ड, आरएएफ, क्यूआरटी और एटीएस कमांडो भी ड्यूटी पर रहेंगे।
ड्रोन से भी होगी निगरानी और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
डीजीपी मुख्यालय से सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और टीथर्ड ड्रोन कैमरों की लाइव फीड पर लगातार नजर रखी जाएगी। साथ ही, डीजीपी मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर में 24 घंटे काम करने वाली 8 लोगों की टीम तैनात की गई है, जो झूठी खबरों का पता लगाकर उनका खंडन करेगी और कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अधिकारियों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है, जिसमें तुरंत सूचनाएं साझा की जाएंगी।
कांवड़ मार्गों के प्रमुख चौराहों और रास्तों पर पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। भंडारे और शिविरों को सड़क से कम से कम 20 फीट दूर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा के लिए पुलिस और खाद्य विभाग मिलकर निगरानी करेंगे। ढाबों और होटलों पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांची जाएगी और रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य होगा।