कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली 24 साल की छात्रा ने कॉलेज के ही एक पूर्व छात्र और दो वर्तमान छात्रों पर गैंगरेप का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में पूरी वारदात की हैरान कर देने वाली और खौफनाक कहानी बताई है। पीड़िता के अनुसार, घटना के वक्त उसे जोरदार पैनिक अटैक पड़ा था और वह सांस लेने के लिए जूझ रही थी। तभी मुख्य आरोपी मोनोजित मिश्रा ने उसकी हालत देखकर दूसरे आरोपी से इनहेलर लाने को कहा, ताकि उसकी सांसें सामान्य हो सकें। इनहेलर देने के बाद, जैसे ही पीड़िता की हालत थोड़ी ठीक हुई, आरोपियों ने उसे जबरन कैंपस के गार्ड रूम में खींच लिया।
गार्ड रूम में ही उसके साथ कथित रूप से बलात्कार की शुरुआत की गई। पीड़िता ने बताया कि इससे पहले मोनोजित मिश्रा ने उससे प्रेम और शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उसने साफ मना कर दिया। इसके बाद मिश्रा ने जबरदस्ती की।
धमकी और ब्लैकमेल से टूट गई पीड़िता
पीड़िता ने जब खुद को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसे डराने के लिए बताया कि उन्होंने पहले भी जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की थी और उसका वीडियो बना लिया था, जो सोशल मीडिया पर लीक कर दिया जाएगा अगर वह विरोध करेगी।
इस धमकी से डरी सहमी छात्रा पूरी तरह टूट गई और उसने खुद को असहाय महसूस किया। उसी दबाव में आरोपियों ने कथित रूप से उसके साथ बार-बार यौन शोषण किया।
इस शिकायत में सामने आया है कि उसे न केवल शारीरिक तौर पर जबरदस्ती, बल्कि मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेल भी किया गया। इनहेलर के जरिए उसकी मेडिकल कंडिशन का फायदा उठाना और उसे दोबारा शिकार बनाना इस अपराध की पूर्वनियोजित और बेरहम मानसिकता को दर्शाता है।
कॉलेज कैंपस में हुई इस वारदात ने सुरक्षा और महिला छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीनों आरोपी करते थे लड़कियों से बदसलूकी
जांच में यह भी पता चला है कि इन तीनों आरोपी पहले भी कई लड़कियों के साथ बदसलूकी कर चुके हैं, लेकिन पीड़ित छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना को इन्होंने पहले से प्लान किया था। चौथा आरोपी कॉलेज का सिक्योरिटी गार्ड है। पुलिस ने बताया कि यह तीनों अक्सर अपने घिनौने कामों के वीडियो मोबाइल से बनाते थे और फिर उन्हीं वीडियो को दिखाकर लड़कियों को ब्लैकमेल करते थे।
कोलकाता पुलिस के एक सीनियर अफसर ने सोमवार को बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़िता को कॉलेज में एडमिशन के पहले ही दिन से टारगेट किया गया था। तीन मुख्य आरोपियों– मोनोजित मिश्रा, प्रतीम मुखर्जी और जैद अहमद ने इस घिनौने काम की पहले से साजिश रची थी।