ट्रेन में प्रोजेक्टर लगाकर फिल्म देखना सही या गलत? वायरल वीडियो से उठे सवाल

Lapataa Ladies In Train: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन के 3AC कोच में एक परिवार प्रोजेक्टर से फिल्म ‘लापता लेडीज’ देखता नजर आ रहा है। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने कोच को ही मूवी थिएटर बना दिया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रेन में इस तरह फिल्म देखना नियमों के अनुसार सही है

अपडेटेड Mar 08, 2026 पर 10:13 AM
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Lapataa Ladies In Train: ट्रेन में छोटे पोर्टेबल प्रोजेक्टर के इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है। 

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखा और मजेदार वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंटरनेट यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस वीडियो में एक परिवार ट्रेन के अंदर सफर के दौरान फिल्म लापता लेडीज का मजा लेते हुए दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि उन्होंने ट्रेन के 3AC कोच को ही छोटे से मूवी थिएटर में बदल दिया। परिवार ने अपने साथ एक पोर्टेबल प्रोजेक्टर रखा था, जिसकी मदद से कोच की सफेद दीवार पर फिल्म चलाकर सभी आराम से उसे देख रहे थे। इतना ही नहीं, डायलॉग सुनने के लिए एक छोटा स्पीकर भी इस्तेमाल किया गया था, जिससे पूरे केबिन का माहौल किसी मिनी थिएटर जैसा लग रहा था।

इस अनोखे अंदाज में यात्रा का आनंद लेते इस परिवार को देखकर कई लोग हैरान भी हैं और मनोरंजन भी ले रहे हैं। यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

3AC कोच में लगाया गया प्रोजेक्टर सेटअप


वीडियो में दिख रहा है कि प्रोजेक्टर को 3AC कोच में गेट के पास वाली सीट के करीब लगाया गया है, ताकि ज्यादा यात्रियों को परेशानी न हो। सफेद दीवार को स्क्रीन बनाकर फिल्म दिखाई जा रही थी। आवाज सुनने के लिए एक छोटा स्पीकर भी इस्तेमाल किया गया, जिससे केबिन में बैठे लोग आसानी से डायलॉग सुन सकें।

ये पूरा सेटअप काफी सोच-समझकर लगाया गया था, ताकि बाकी यात्रियों के रास्ते या सीटों पर कोई असर न पड़े।

क्या ट्रेन में प्रोजेक्टर लगाना नियमों के खिलाफ है?

ट्रेन में छोटे पोर्टेबल प्रोजेक्टर के इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है। अगर कोई यात्री अपने समूह या केबिन के अंदर बिना किसी को परेशान किए इसका उपयोग करता है, तो आमतौर पर इसे नजरअंदाज किया जा सकता है।

लेकिन बड़े प्रोजेक्टर या भारी उपकरण लगाने से पहले रेलवे की अनुमति जरूरी होती है।

इन बातों का रखना पड़ता है खास ध्यान

अगर प्रोजेक्टर चलाने से आवाज ज्यादा हो, तेज रोशनी हो या रास्ता बाधित होता हो, तो रेलवे स्टाफ कार्रवाई कर सकता है। साथ ही कोच के इलेक्ट्रिक सॉकेट में भारी उपकरण लगाने की भी अनुमति नहीं होती। किसी यात्री की शिकायत मिलने पर भी ये व्यवस्था तुरंत बंद करवाई जा सकती है।

सोशल मीडिया पर लोगों की मजेदार प्रतिक्रियाएं

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करने वाले रिकी रविंद्र राजावत हैं, जिन्होंने कैप्शन में “यात्रा का आनंद” लिखा। वीडियो को लाखों व्यूज मिल चुके हैं।

कई यूजर्स ने मजाक में लिखा कि 3AC कोच को ही “मूवी थिएटर” बना दिया गया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अगर आवाज ज्यादा हो तो इससे दूसरे यात्रियों को परेशानी भी हो सकती है।

फिल्म भी है लोगों की फेवरेट

वीडियो में दिखाई जा रही फिल्म लापता लेडीज का निर्देशन किरण राव ने किया है और इसे आमीर खान के प्रोडक्शन हाउस ने बनाया है। ये फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है और दर्शकों के बीच काफी पसंद की जाती है।

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