भगवान जगन्नाथ का हुआ हेल्थ चेकअप, डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद दी रथ यात्रा की मंजूरी, वीडियो हुआ वायरल

Viral Video: उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित रस मंडल जगन्नाथ मंदिर में आस्था और आधुनिकता का अनोखा संगम देखने को मिला। यहां डॉक्टरों की टीम ने भगवान जगन्नाथ का पारंपरिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। 15 दिनों के अनवसर काल के बाद भगवान को स्वस्थ घोषित किया गया, जिसके साथ ही भक्तों में उत्साह बढ़ा और रथ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गईं

अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 12:01 PM
इस समय मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और भगवान की सेवा एक मरीज की तरह की जाती है।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक अनोखी धार्मिक परंपरा इन दिनों चर्चा में है। रस मंडल जगन्नाथ मंदिर में आस्था और आधुनिक चिकित्सा का अनोखा संगम देखने को मिला, जहां वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने भगवान जगन्नाथ का पारंपरिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। मान्यता के अनुसार, स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के अनवसर काल में विश्राम करते हैं। इस अवधि के समाप्त होने पर डॉक्टरों ने जांच कर भगवान को स्वस्थ घोषित किया। इस खास रस्म के बाद मंदिर में भक्तों का उत्साह बढ़ गया और आगामी रथ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गईं।

सदियों पुरानी मान्यताओं के साथ आधुनिक चिकित्सा की झलक ने इस परंपरा को और भी खास बना दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस अनोखे आयोजन के वीडियो तेजी से चर्चा में आ रहे हैं, जहां लोग इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा की खूबसूरत मिसाल बता रहे हैं।

15 दिन तक विश्राम करते हैं भगवान जगन्नाथ


मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा स्नान पूर्णिमा के पवित्र स्नान अनुष्ठान के बाद अस्वस्थ हो जाते हैं। इस दौरान भगवान को ‘दिव्य बुखार’ आने की मान्यता है। इसी वजह से करीब 15 दिनों तक उन्हें भक्तों के दर्शन से दूर रखा जाता है, जिसे अनवसर काल कहा जाता है।

दवा, काढ़ा और विशेष आहार से होती है सेवा

इस समय मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और भगवान की सेवा एक मरीज की तरह की जाती है। परंपरा के अनुसार उन्हें औषधीय काढ़ा, जड़ी-बूटियां और विशेष आहार अर्पित किए जाते हैं। यह मान्यता भगवान को भक्तों के करीब लाती है, क्योंकि इसमें उन्हें इंसानों की तरह भावनाओं और शारीरिक स्थितियों से जुड़ा हुआ माना जाता है।

डॉक्टरों की टीम ने किया पारंपरिक स्वास्थ्य परीक्षण

अनवसर काल समाप्त होने के बाद कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ का औपचारिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस टीम में डॉ. राजनेश श्रीवास्तव, डॉ. स्मिता श्रीवास्तव, डॉ. अजीत कपूर, डॉ. अशोक अस्थाना, डॉ. शैलेश कुमार सिंह, डॉ. आलोक यादव और डॉ. स्वाति यादव शामिल रहे।

स्वस्थ’ घोषित होने के बाद शुरू हुई रथ यात्रा की तैयारी

डॉक्टरों द्वारा भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ घोषित करने के बाद मंदिर में विशेष प्रसाद और आहार अर्पित किए गए। इसमें परवल का रस और खिचड़ी शामिल थी, जिसे भगवान की ताकत वापस लौटने का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही वार्षिक रथ यात्रा उत्सव की तैयारियां भी शुरू हो गईं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आस्था और विज्ञान का अनोखा मेल

भगवान जगन्नाथ की स्वास्थ्य जांच करते डॉक्टरों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने इसे भारत की जीवंत परंपराओं का उदाहरण बताया, जहां सदियों पुरानी आस्था और आधुनिक चिकित्सा के प्रतीक एक साथ दिखाई देते हैं। यह अनोखी रस्म एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

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