पहाड़ों की यात्रा के दौरान गरमागरम मैगी का स्वाद लेना हर किसी के लिए एक खास अनुभव होता है। ठंडी हवाएं, ऊंचे पहाड़ और खूबसूरत नजारे मिलकर इस पल को और भी यादगार बना देते हैं। रास्ते में दिखने वाले छोटे-छोटे स्टॉल अक्सर यात्रियों का ध्यान खींच लेते हैं, जहां कुछ देर रुककर लोग आराम भी करते हैं और खाने का मजा भी लेते हैं। लेकिन इन्हीं स्टॉल्स को देखकर कई बार एक सवाल मन में उठता है कि आखिर ये छोटे पहाड़ी फूड स्टॉल एक दिन में कितनी कमाई कर लेते हैं और इनका बिजनेस कैसे चलता है।
क्या सच में ये सिर्फ साधारण सा काम है या इसके पीछे कोई अच्छी कमाई का मौका भी छिपा है। यही जिज्ञासा लोगों को ऐसे स्टॉल्स की असल कमाई और काम करने के तरीके को जानने के लिए प्रेरित करती है।
जिज्ञासा से शुरू हुआ एक दिलचस्प प्रयोग
इसी सवाल का जवाब जानने के लिए दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर देवांश त्यागी ने एक मजेदार एक्सपेरिमेंट किया। उन्होंने पहाड़ों में एक दिन के लिए अपना खुद का मैगी स्टॉल लगाने का फैसला किया, ताकि वो असली कमाई और काम का अनुभव समझ सकें।
पहाड़ों में छोटा सा स्टॉल तैयार किया
देवांश एक सुंदर हिल स्टेशन पहुंचे और वहां ऐसा जगह चुनी जहां लोग आसानी से रुक सकें। कुछ ही समय में उन्होंने वहां एक साधारण सा स्टॉल बना लिया। मैगी के पैकेट सजाए गए, कुछ कुर्सियां लगाई गईं और खुले पहाड़ों के सामने खाना बनाने की जगह तैयार कर दी गई।
लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया
जैसे ही स्टॉल शुरू हुआ, वहां से गुजरने वाले लोग रुकने लगे। कुछ ने तुरंत ऑर्डर दिया और कुछ ने थोड़ा देखकर फिर मैगी मंगाई। ताजी बनी मैगी लोगों को बहुत पसंद आई और वो पहाड़ों के नजारे के साथ इसका आनंद लेते दिखे।
मैगी की कीमत 100 रुपये और बटर मैगी 120 रुपये रखी गई। दिन बढ़ने के साथ ग्राहक भी बढ़ते गए और स्टॉल लगातार चलता रहा।
एक दिन की कमाई ने चौंकाया
दिन खत्म होने पर देवांश ने बताया कि उन्होंने कुल 225 प्लेट मैगी बेचकर करीब 24,000 रुपये कमा लिए। ये सुनकर कई लोग हैरान रह गए।
वीडियो वायरल होते ही लोगों ने मजेदार रिएक्शन दिए। किसी ने इसे नया बिजनेस आइडिया बताया, तो किसी ने कहा कि ये तो काफी कमाई वाला काम लग रहा है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा शेयर की गई पोस्ट पर आधारित है। मनीकंट्रोल ने इसकी अलग से जांच नहीं की है और न ही इन दावों की पुष्टि या समर्थन करता है।