बीमार कर्मचारी को छुट्टी की जगह WFH का फरमान पड़ा भारी, उसने उठाया ऐसा कदम कि मैनेजर रह गया दंग
Gen Z कर्मचारियों के काम करने के तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। X पर वायरल एक पोस्ट में दो युवा कर्मचारियों की नौकरी छोड़ने की कहानी सामने आई। छुट्टी के दौरान WFH के लिए कहे जाने से लेकर नोटिस पीरियड छोड़ने तक के इस घटनाक्रम ने वर्कप्लेस कल्चर और कर्मचारी अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं
वायरल पोस्ट ने असल में एक बड़े बदलाव की ओर ध्यान खींचा है।
वर्कप्लेस पर Gen Z कर्मचारियों की सोच और काम करने के तरीके को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल एक पोस्ट में दो युवा कर्मचारियों से जुड़ी ऐसी कहानी सामने आई, जिसने कर्मचारी की वफादारी, छुट्टी के दौरान काम और नोटिस पीरियड जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी।
यह पूरा मामला X यूजर शीतल की पोस्ट से शुरू हुआ। उन्होंने अपने एक दोस्त का अनुभव साझा किया, जो एक कॉरपोरेट कंपनी में मैनेजर है। शीतल के मुताबिक, उनका दोस्त अपनी टीम में Gen Z कर्मचारियों के रवैये को लेकर काफी परेशान है।
बीमार होने पर ली छुट्टी, फिर मांगा गया WFH
शीतल ने बताया कि टीम की एक महिला कर्मचारी ने बीमारी के चलते छुट्टी ली थी। हालांकि, छुट्टी के दौरान उसके मैनेजर ने कथित तौर पर उससे कुछ समय के लिए घर से काम करने को कहा। यह बात कर्मचारी को पसंद नहीं आई। पोस्ट के मुताबिक, उसने अपनी छुट्टी दो दिन और बढ़ा दी। इसके बाद उसने दूसरी कंपनी में इंटरव्यू दिया, वहां नौकरी हासिल की और जल्द ही अपनी मौजूदा कंपनी में इस्तीफा सौंप दिया।
यानी जिस कर्मचारी से छुट्टी के दौरान थोड़ी देर WFH करने को कहा गया था, उसने कथित तौर पर इसे अपनी अगली नौकरी की तलाश का कारण बना लिया।
दूसरी कर्मचारी ने भी दिखाया अलग अंदाज
कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। शीतल के मुताबिक, उसी टीम में काम करने वाले एक अन्य युवा कर्मचारी ने यह पूरा घटनाक्रम देखा और कुछ समय बाद उसने भी कंपनी छोड़ने का फैसला कर लिया। उसने कथित तौर पर कंपनी को बताया कि वह अपना नोटिस पीरियड पूरा नहीं करना चाहता। इसके बजाय, उसने अपने जमा हुए पेड लीव को नोटिस अवधि के साथ एडजस्ट करने की बात कही और तुरंत नौकरी छोड़ने की इच्छा जताई।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटी राय
पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई। कई लोगों ने कर्मचारियों का समर्थन किया और कहा कि जब कोई व्यक्ति आधिकारिक छुट्टी पर हो, तो उससे काम करवाना सही नहीं है। एक यूजर ने बताया कि वह Gen X मैनेजर रह चुका है और उसकी नीति थी कि छुट्टी पर गए कर्मचारी को परेशान नहीं किया जाता। उसके मुताबिक, ऐसी कोई भी इमरजेंसी नहीं होनी चाहिए जिसके लिए छुट्टी पर मौजूद कर्मचारी को कॉल करना पड़े।
‘हर बार ऐसा करना भारी पड़ सकता है’
हालांकि, सभी यूजर्स कर्मचारियों के पक्ष में नहीं थे। कुछ लोगों ने कहा कि नौकरी छोड़ने का यह तरीका फिलहाल भले ही सही लगे, लेकिन भविष्य में इसका असर पड़ सकता है। एक यूजर ने तर्क दिया कि जब तक नौकरी के मौके मिलते रहेंगे, तब तक यह रवैया अच्छा लग सकता है, लेकिन हर अगली कंपनी ऐसे व्यवहार को स्वीकार करे, यह जरूरी नहीं।
क्या पेड लीव से नोटिस पीरियड खत्म हो सकता है?
कुछ लोगों ने इस बहस को कर्मचारी और कंपनी के बीच कॉन्ट्रैक्ट के नजरिए से देखा। उनका कहना था कि अगर कंपनी की नीति के अनुसार कर्मचारी के पास पर्याप्त जमा छुट्टियां हैं और उन्हें नोटिस अवधि के साथ एडजस्ट करने की अनुमति है, तो इसमें हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए। एक यूजर ने यह भी तर्क दिया कि कंपनियां जब कर्मचारियों को लेऑफ करती हैं तो आर्थिक समझौते करती हैं, तो नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को भी नियमों के तहत समान लचीलापन मिलना चाहिए।
My friend, who’s a manager in a corporate, is so stressed because of the Gen Z attitude. One of his Gen Z team members took sick leave. He asked her to WFH for a while, she got pissed, took another 2 days off, gave an interview somewhere else, got selected, put in her notice the…
वायरल पोस्ट ने असल में एक बड़े बदलाव की ओर ध्यान खींचा है। युवा कर्मचारी अब नौकरी में सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, निजी समय और स्पष्ट सीमाओं को भी महत्व दे रहे हैं। जहां कुछ लोग इसे Gen Z की कम होती निष्ठा मानते हैं, वहीं दूसरे इसे बदलते वर्क कल्चर और कर्मचारियों के अपने अधिकारों को लेकर बढ़ती जागरूकता के रूप में देखते हैं।