सोशल मीडिया पर एक मैनेजर और महिला कर्मचारी के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है। यह चैट लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि इसमें कामकाज के दौरान एक संवेदनशील स्थिति को लेकर बातचीत दिखाई गई है। कर्मचारी ने अपनी तबीयत ठीक न होने की बात कही, जिसके बाद मैनेजर का जवाब काफी समझदारी और सहयोग वाला बताया जा रहा है। इस पूरे मामले पर इंटरनेट यूजर्स की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे एक अच्छे और सपोर्टिव वर्कप्लेस कल्चर का उदाहरण मान रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे ऑफिस नियमों और प्रोफेशनल सीमाओं के नजरिए से देख रहे हैं।
वायरल चैट में महिला कर्मचारी अपने मैनेजर से पूछती है कि क्या वह दोपहर 12 बजे के बाद काम शुरू कर सकती है क्योंकि उसे कुछ स्वास्थ्य समस्या है। मैनेजर शांत और समझदारी से जवाब देते हुए कहता है कि कोई दिक्कत नहीं है और वो स्थिति के बारे में पूछता है।
कर्मचारी बताती है कि यो सामान्य स्वास्थ्य परेशानी है, जिसके बाद बातचीत आगे बढ़ती है।
पीरियड लीव पर मैनेजर का जवाब
जब मैनेजर को समझ आता है कि मामला पीरियड्स से जुड़ा है, तो वो सहानुभूति दिखाते हुए कर्मचारी को आराम करने की सलाह देता है। वो बताता है कि कंपनी में महिला कर्मचारियों को 2-3 दिन की छुट्टी दी जाती है अगर वे इस दौरान असहज महसूस करें।
वो ये भी कहता है कि उनकी सैलरी में कोई कटौती नहीं होगी और वे आराम से घर पर रह सकती हैं।
'आराम करो, सैलरी नहीं कटेगी' वाला मैसेज वायरल
बातचीत के अंत में मैनेजर कर्मचारी से साफ शब्दों में कहता है कि वो आराम करे और इस वजह से सैलरी नहीं कटेगी। यही लाइन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हो गई और लोगों ने इस पर अलग-अलग राय देना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद यूजर्स की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंट गईं। कुछ लोगों ने मैनेजर के व्यवहार को सराहते हुए कहा कि ऐसे मैनेजर्स ऑफिस में माहौल को बेहतर बनाते हैं।
वहीं कुछ लोगों ने इसे लेकर बहस छेड़ दी और कहा कि ऑफिस में ऐसी पर्सनल बातचीत और पॉलिसी को लेकर स्पष्ट नियम होने चाहिए।
ऑनलाइन बहस ने बढ़ाया मामला
कई यूजर्स ने इसे वर्कप्लेस सेंसिटिविटी, पीओएसएच (POSH) नियमों और प्रोफेशनल सीमाओं से जोड़कर देखा। कुछ लोगों ने अपने खुद के खराब ऑफिस अनुभव भी साझा किए, जिससे यह चर्चा और ज्यादा गर्म हो गई।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा शेयर की गई पोस्ट पर आधारित है। मनीकंट्रोल ने इसकी अलग से जांच नहीं की है और न ही इन दावों की पुष्टि या समर्थन करता है।