रविवार को मथुरा के गोविंद नगर इलाके में ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी को सहमा दिया। दोपहर के वक्त जब लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ कि पूरा मोहल्ला दहल उठा। एक के बाद एक कई मकान देखते ही देखते जमींदोज हो गए। हादसा इतना भयावह था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग भी डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। जिन घरों में हादसा हुआ वहां के लोग मलबे में दब गए।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और राहत दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया। घटना ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है और लोग अभी भी सहमे हुए हैं। फिलहाल राहत और बचाव का काम तेजी से जारी है।
मिट्टी का टीला बना हादसे की वजह
ये सभी मकान एक ऊंचे मिट्टी के टीले पर बने हुए थे। अचानक टीला कमजोर होकर धसक गया, जिससे मकान का सहारा खत्म हो गया। देखते ही देखते मकानों की दीवारें और छतें टूटकर बिखर गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि कुछ सेकेंडों तक तो लोगों को लगा मानो भूकंप आ गया हो।
भागने का मौका तक नहीं मिला
हादसा दोपहर करीब 12 बजे हुआ। क्योकि ये समय खाना बनाने और आराम का होता है, इसलिए ज्यादातर लोग घरों के अंदर ही थे। मिट्टी धसकते ही मकानों ने एक-एक कर गिरना शुरू कर दिया। अंदर मौजूद लोगों को बाहर भागने तक का मौका नहीं मिला और वे मलबे में दब गए।
भगदड़ और चीख-पुकार से मचा कोहराम
मकान गिरते ही पूरे इलाके में हाहाकार मच गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। पड़ोसियों ने तुरंत प्रशासन और नगर निगम को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है। प्रशासन की टीम प्रभावित परिवारों से लापता लोगों की जानकारी जुटा रही है ताकि रेस्क्यू को तेजी दी जा सके। अभी तक मलबे में कितने लोग दबे हैं, इसका सटीक आंकड़ा नहीं मिल पाया है।
हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग सहमे हुए हैं कि कहीं और टीले न धसक जाएं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो राहत और बचाव कार्य में सहयोग करें। साथ ही इलाके को खाली कराने की काम भी शुरू कर दी गई है ताकि और कोई अनहोनी न हो।
प्रशासन की अपील और चेतावनी
नगर निगम और जिला प्रशासन ने आसपास के मकानों की भी जांच कराने की बात कही है ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों। फिलहाल लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। रेस्क्यू टीम ने भरोसा दिलाया है कि दबे हुए लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाएगा।