मच्छर सबको एक जैसा नहीं काटते! कुछ लोग क्यों बनते हैं इनके फेवरेट टारगेट, जानिए वजह

मच्छर हर इंसान को एक जैसा नहीं काटते। कुछ लोग उनके लिए ज्यादा आकर्षक होते हैं, जबकि कुछ कम प्रभावित होते हैं। इसका कारण शरीर की गंध, गर्मी और सांस से निकलने वाली गैसें होती हैं। यही वजह है कि कुछ लोग बार-बार मच्छरों का शिकार बनते हैं

अपडेटेड Jun 18, 2026 पर 11:36 AM
जैसे-जैसे मच्छर करीब आते हैं, वो शरीर की गंध, पसीना और नमी को महसूस करने लगते हैं।

मच्छरों को लेकर अक्सर लोगों का अनुभव अलग-अलग होता है को कुछ लोग को मच्छर बार-बार काटते हैं, जबकि कुछ लगभग सुरक्षित रहते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर की खास केमिस्ट्री काम करती है। इंसान की सांस से निकलने वाली गैस, शरीर की गर्मी और त्वचा से आने वाली प्राकृतिक गंध मच्छरों को आकर्षित करने में बड़ी भूमिका निभाती है। रिसर्च में पाया गया है कि मच्छर दूर से ही कुछ खास संकेत पकड़ लेते हैं और उसी के आधार पर अपना लक्ष्य चुनते हैं। यही वजह है कि कुछ लोग उनके लिए “मैगनेट” की तरह बन जाते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि यह आकर्षण हर समय एक जैसा नहीं रहता, बल्कि शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव भी इसे प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि मच्छरों का व्यवहार आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य और शोध का विषय बना हुआ है।

कार्बन डाइऑक्साइड है सबसे बड़ा संकेत


मच्छर सबसे पहले इंसान की सांस से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को पहचानते हैं। रिसर्च के अनुसार, मच्छर इस गैस को लगभग 100 मीटर दूर से भी महसूस कर सकते हैं और उसी दिशा में उड़ने लगते हैं।

त्वचा की गंध तय करती है निशाना

जैसे-जैसे मच्छर करीब आते हैं, वो शरीर की गंध, पसीना और नमी को महसूस करने लगते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि कुछ लोगों की त्वचा से निकलने वाले खास केमिकल्स मच्छरों को ज्यादा आकर्षित करते हैं।

मशरूम अल्कोहलभी बनता है वजह

एक खास यौगिक 1-octen-3-ol, जिसे “मशरूम अल्कोहल” भी कहा जाता है, मच्छरों को बहुत आकर्षित करता है। यह त्वचा के तेल के टूटने से बनता है और इसकी थोड़ी मात्रा भी मच्छरों को खींच सकती है।

बीयर पीना भी बढ़ा सकता है खतरा

शोध में यह भी सामने आया है कि शराब, खासकर बीयर, पीने से मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं। इसका कारण शरीर का तापमान बढ़ना और सांस व त्वचा की गंध में बदलाव माना जाता है।

खून का ग्रुप नहीं, शरीर की केमिस्ट्री है असली वजह

वैज्ञानिकों के अनुसार यह धारणा गलत है कि मच्छर किसी खास ब्लड ग्रुप या आंख-त्वचा के रंग को पसंद करते हैं। असल में शरीर की प्राकृतिक केमिस्ट्री ही तय करती है।

जलवायु परिवर्तन से बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान के कारण मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया और भी ज्यादा फैल सकती हैं।

बचाव के आसान तरीके

मच्छरों से बचने के लिए ढीले और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना, मच्छरदानी का इस्तेमाल करना, रिपेलेंट लगाना और शराब का सेवन कम करना काफी मददगार हो सकता है।

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