MP-Maharashtra Viral News: मध्य प्रदेश से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मरी हुई मानकर जिस लड़की की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पिता और भाई को जेल भेज दिया था, वह अब जिंदा वापस लौट आई है। इस घटना ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के सीमावर्ती बुरहानपुर जिले की गुमशुदा युवती की हत्या का दावा करते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने उसके पिता और भाई को इस महीने गिरफ्तार किया था।
लेकिन अब वह बेटी जिंदा मिल गई है। उसने अपने पिता और भाई को रिहा करने की गुहार लगाई है।गुमशुदा युवती के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुरहानपुर जिले के खकनार पुलिस थाने के प्रभारी अभिषेक जाधव ने पीटीआई को बताया कि खड़की गांव में रहने वाली शिवानी बापूराम कलमेकर (26) और अरुण दादू कलमेकर (24) के लापता होने के कुछ दिन बाद उनके परिजनों ने क्रमश: 1 मई और 9मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उन्होंने आगे बताया, "अरुण की तलाश करते हुए हमें जानकारी मिली कि वह महाराष्ट्र के नाशिक के आस-पास मजदूरी कर रहा है। शिवानी उसके साथ में ही है। इसके बाद प्रेमी कपल को ढूंढ लिया गया है।" जाधव ने बताया कि अंगूठे की छाप, पंचनामा और परिजनों के बयान के जरिए पूरी की गई कानूनी प्रक्रिया से पुष्टि हुई है कि यह युवती शिवानी ही है।
पिता-बेटे को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल को एक युवती की सिर कटी और आंशिक रूप से जली लाश मिलने के बाद पड़ोसी राज्य की पुलिस ने शिवानी की हत्या का दावा किया था। जाधव ने बताया कि युवती की हत्या के आरोप में उसके पिता बापूराम कलमेकर (55) और भाई अजय कलमेकर (27) को गिरफ्तार किया गया था।
थाना प्रभारी ने बताया, "हमने महाराष्ट्र पुलिस को आधिकारिक तौर पर सूचना दे दी है कि जिस शिवानी को वह मृत मानकर जांच कर रही है, वह जिंदा मिली है। आगे की जांच महाराष्ट्र पुलिस कर रही है।" बुरहानपुर और बुलढाणा क्रमशः मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिले हैं।
इस बीच, बुरहानपुर के लोगों ने महाराष्ट्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि शिवानी की हत्या के 'झूठे आरोप' में गिरफ्तारी के बाद उसके निर्दोष पिता और भाई एक जेल में न्यायिक हिरासत के तहत बंद हैं। समूचे घटनाक्रम पर हैरान-परेशान शिवानी ने कहा, "मैं जिंदा हूं। मेरे साथ कोई अनहोनी नहीं हुई। मेरे पिता और भाई को जेल से रिहा किया जाए।"
नाबालिग अपने घर से गायब हुई थी। बाद में उसके पिता और भाई को उसकी हत्या का दोषी मानते हुए जेल भेज दिया गया था। NDTV के मुताबिक, मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब हाल ही में शिवानी जिंदा मिल गई। बच्ची अरुण नामक युवक के साथ सामने आई और पुलिस के समक्ष पेश हुई। फिलहाल, यह खबर दोनों राज्यों में चर्चा का विषय बना हुआ है।