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नीलकुरिंजी के फूलों से बैंगनी हुईं मुन्नार की पहाड़ियां, 12 साल बाद क्यों खिलता है ये दुर्लभ फूल?

केरल के मुन्नार की पहाड़ियां करीब 12 साल बाद फिर नीलकुरिंजी के बैंगनी-नीले फूलों से सज गई हैं। मैट्टुपेट्टी के आसपास इन दुर्लभ फूलों का मनमोहक नजारा पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है। अगस्त से शुरू हुआ यह प्राकृतिक उत्सव सितंबर में ऊंचाई वाले इलाकों तक फैलने की उम्मीद है, जिससे मुन्नार की खूबसूरती और बढ़ेगी

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Sep 08, 2026 पर 1:24 PM
नीलकुरिंजी के फूलों से बैंगनी हुईं मुन्नार की पहाड़ियां, 12 साल बाद क्यों खिलता है ये दुर्लभ फूल?
मुन्नार के नीलकुरिंजी को लेकर 2030 में होने वाले बड़े फूलों की भी चर्चा होती है।

केरल के मुन्नार की पहाड़ियों पर इन दिनों प्रकृति का बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिल रहा है। करीब 12 साल के इंतजार के बाद नीलकुरिंजी के फूल एक बार फिर खिल उठे हैं। मैट्टुपेट्टी के पास कोरंडाकाडु और चोक्करामुडी इलाकों में दूर तक फैले बैंगनी-नीले फूल पहाड़ों को किसी खूबसूरत पेंटिंग जैसा बना रहे हैं। यह नजारा सिर्फ पर्यटकों ही नहीं, बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण बन गया है।

अगस्त से शुरू हुआ फूलों का सिलसिला

नीलकुरिंजी के फूलों का खिलना अगस्त में शुरू हुआ। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, चोक्करामुडी क्षेत्र को 24 अगस्त से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। वन अधिकारियों का अनुमान है कि सितंबर के दौरान यह प्राकृतिक नजारा ऊंचाई वाले दूसरे इलाकों तक भी फैल सकता है।

आने वाले दिनों में मीसापुलिमाला के कुछ हिस्सों में भी फूलों के खिलने की उम्मीद है। यानी प्रकृति प्रेमियों के पास इस दुर्लभ नजारे को करीब से देखने का मौका है।

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