मुजफ्फरनगर से ई-रिक्शा लेकर स्पीति वैली पहुंचा लड़का, 12,500 फीट पर पहुंचते ही वायरल हुआ वीडियो
मुजफ्फरनगर के सुमित कुमार प्रजापति ने स्पीति वैली पहुंचने के लिए कोई महंगी गाड़ी नहीं, बल्कि अपनी ई-रिक्शा को चुना। 15 अगस्त से शुरू हुआ उनका यह सफर अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है। पहाड़ी रास्तों, ऊंचाई और तमाम चुनौतियों के बीच सुमित का अनोखा अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है
1 सितंबर को शेयर किए गए वीडियो में सुमित ने अपने सफर के पीछे की कहानी बताई।
मुजफ्फरनगर के रहने वाले सुमित कुमार प्रजापति इन दिनों अपने अनोखे सफर की वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। जहां लोग स्पीति वैली जाने के लिए कार, बाइक या एसयूवी का सहारा लेते हैं, वहीं सुमित अपनी ई-रिक्शा लेकर पहाड़ों की ओर निकल पड़े। उनका यह सफर सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर मोड़ पर एक नई चुनौती और नया अनुभव सामने आ रहा है। सुमित ने इस यात्रा की शुरुआत 15 अगस्त को की थी। सफर शुरू करते समय उन्होंने इंस्टाग्राम पर बताया था कि वह रोजाना वीडियो के जरिए लोगों को अपनी यात्रा की जानकारी देंगे।
रास्ते में उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लोग उनकी ई-रिक्शा को देखकर कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और यात्रा किस तरह आगे बढ़ रही है इन सभी चीजों को वह कैमरे में कैद करते रहे। अब तक उन्होंने कुल 27 वीडियो के जरिए अपनी यात्रा की कहानी साझा की है।
मनाली तक पहुंचने का तरीका भी था खास
सुमित के इंस्टाग्राम पेज के मुताबिक, वह अपने दोस्तों के साथ गाड़ी से मनाली पहुंचे। उनकी ई-रिक्शा को ट्रक में लादकर मनाली तक पहुंचाया गया। इसके बाद यात्रा का सबसे दिलचस्प हिस्सा शुरू हुआ। 19 अगस्त को सुमित मनाली से ई-रिक्शा पर सवार होकर अकेले स्पीति वैली की ओर निकल पड़े। पहाड़ों के मुश्किल रास्तों पर तीन पहियों वाली इलेक्ट्रिक सवारी को आगे बढ़ते देखकर लोग भी हैरान रह गए। उनके एक वीडियो पर यूट्यूब इंडिया ने भी प्रतिक्रिया दी और मजेदार अंदाज में लिखा, “मॉडर्न प्रॉब्लम्स को देसी सॉल्यूशन चाहिए।”
‘बैटरी कहां चार्ज होगी?’ लोगों ने पूछा सवाल
जैसे ही सुमित के वीडियो सोशल मीडिया पर आने लगे, लोगों के मन में सबसे पहला सवाल ई-रिक्शा की बैटरी को लेकर उठा। यूजर्स पूछने लगे कि पहाड़ों के बीच आखिर ई-रिक्शा को चार्ज कहां किया जाएगा। सुमित ने बताया कि वह जिस जगह रुकते हैं, वहीं अपनी ई-रिक्शा को चार्ज करते हैं। इतना ही नहीं, किसी आपात स्थिति में काम आने के लिए उन्होंने जेनरेटर भी अपने साथ रखा है।
फैंस की एक बात मानकर बदल दिया सफर का अंदाज
सुमित की पहली वीडियो देखने के बाद एक सोशल मीडिया यूजर ने उनसे कहा कि अगर ई-रिक्शा इतनी दूर जा रही है तो इसमें सवारियां क्यों नहीं बैठाते। सुमित ने इस सुझाव को मान लिया। इसके बाद उन्होंने ई-रिक्शा में सवारियां बैठाकर स्पीति की ओर सफर जारी रखा। इससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी अलग हो गया। अब वह सिर्फ अपनी मंजिल की ओर बढ़ने वाले यात्री नहीं थे, बल्कि रास्ते में मिलने वाले लोगों के साथ भी इस अनोखे सफर को साझा कर रहे थे।
12,500 फीट की ऊंचाई पर ई-रिक्शा ने सबको रोका
जैसे-जैसे सुमित ऊंचाई की ओर बढ़े, उनकी ई-रिक्शा लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गई। करीब 12,500 फीट की ऊंचाई वाले पथरीले रास्तों पर तीन पहियों वाली इस सवारी को चलते देखकर कई लोग रुक गए। कुछ लोगों ने सुमित के वीडियो बनाए, कुछ ने उनकी हिम्मत की तारीफ की और कई लोग तालियां बजाते नजर आए। वहीं, कुछ लोगों के लिए यह समझना ही मुश्किल था कि आखिर ई-रिक्शा इतनी खड़ी चढ़ाई और खराब रास्तों को पार कैसे कर रही है।
कुंजुम पहुंचकर बनाया रिकॉर्ड
26 अगस्त को सुमित अपनी ई-रिक्शा लेकर कुंजुम पहुंचे। उन्होंने इसे अपनी यात्रा की बड़ी उपलब्धि बताया और दावा किया कि ई-रिक्शा से वहां तक पहुंचने वाला यह पहला ऐसा सफर है। इस उपलब्धि ने उनकी यात्रा को और खास बना दिया। सोशल मीडिया पर पहले जहां लोग उनकी ई-रिक्शा को लेकर सवाल पूछ रहे थे, वहीं अब उनके सफर की चर्चा उपलब्धि के तौर पर होने लगी।
1 सितंबर को शेयर किए गए वीडियो में सुमित ने अपने सफर के पीछे की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि वह कभी शहर से दूर पहाड़ों के किसी गांव में जाकर सुकून के कुछ पल बिताए। उनका भी ऐसा ही सपना था, लेकिन उनके पास कार नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने रुकने के बजाय अपनी ई-रिक्शा को ही सफर का साथी बना लिया। सुमित का कहना है कि जहां लोग मुश्किल पहाड़ी रास्तों पर 4x4 गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं वह बैटरी से चलने वाले तीन पहियों के वाहन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनकी कहानी अब सोशल मीडिया पर सिर्फ एक अनोखी यात्रा नहीं, बल्कि इस बात की मिसाल बन गई है कि सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने का हौसला भी जरूरी है।