
नदी की तेज धार के बीच हाथियों को काफी देर तक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। इनमें बड़े हाथियों के साथ छोटे हाथी भी शामिल थे। बाढ़ के पानी में फंसे इन बेजुबानों का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया।
रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम ने हाथियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी। इस कुनबे में 3 वयस्क और 2 छोटे हाथी शामिल थे। छोटे हाथियों के तेज बहाव में फंसने की आशंका ने रेस्क्यू टीम की चिंता और बढ़ा दी थी।
हाथियों के बाढ़ में फंसने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रभागीय वनाधिकारी ने बिना समय गंवाए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और हाथियों को सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।
सिंचाई विभाग ने स्थिति को देखते हुए बैराज के गेट बंद कर दिए। इसके बाद नदी का बहाव कुछ कम हुआ और हाथियों को किनारे की ओर बढ़ने का मौका मिला। पानी कम होते ही वयस्क हाथियों ने छोटे हाथियों को संभालते हुए सुरक्षित जगह की तरफ बढ़ना शुरू किया।
जब हाथी कम बहाव वाले हिस्से में पहुंचे, तो वन कर्मियों ने उन्हें धीरे-धीरे हांका लगाकर सुरक्षित दिशा में मोड़ना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद पूरा कुनबा जंगल की ओर जाने में सफल रहा। इस दौरान टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
वन विभाग और सिंचाई विभाग की तेजी से की गई कार्रवाई ने हाथियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। अगर समय रहते बैराज के गेट बंद नहीं किए जाते और रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तो तेज बहाव में हाथियों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था।
फिलहाल तीनों वयस्क और दोनों छोटे हाथी सुरक्षित हैं और उन्हें जंगल की ओर वापस भेज दिया गया है। घटना के बाद वन विभाग ने नदी के आसपास निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। बहराइच के डीएफओ अपूर्व दीक्षित के मुताबिक, हाथियों की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग से संपर्क किया गया था और बैराज का बहाव कम होने के बाद सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।