Video: नेपाल में बाढ़ ने मचाई तबाही, लेकिन इस घर को छू भी नहीं पाई सैलाब की ताकत! जानें क्यों

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और मलबे ने भारी तबाही मचाई, लेकिन इस विनाश के बीच एक हल्के हरे रंग का दो मंजिला घर मजबूती से खड़ा रहा। आसपास की इमारतें और सामान बह गए, जबकि इस घर को सिर्फ दरवाजे-खिड़कियों का नुकसान हुआ। आखिर ऐसा क्या था, जिसने इसे बाढ़ के तेज बहाव से बचा लिया?

अपडेटेड Aug 31, 2026 पर 1:58 PM
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सिर्फ मजबूत निर्माण ही नहीं, घर की जगह ने भी इसकी सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई।

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। तेज बहाव के साथ आया मलबा, पत्थर, पेड़ और पानी अपने रास्ते में आने वाली कई इमारतों को बहा ले गया। लेकिन इसी तबाही के बीच एक हल्के हरे रंग का दो मंजिला घर लोगों का ध्यान खींच रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में यह घर चारों तरफ जमा कीचड़ और मलबे के बीच लगभग सुरक्षित नजर आता है। आसपास कई इमारतें और दूसरी चीजें बाढ़ के पानी में तबाह हो चुकी हैं, लेकिन यह मकान अपनी जगह पर मजबूती से खड़ा है।

बालकनी में खड़े परिवार ने देखी तबाही

वीडियो में घर की बालकनी में कुछ लोग खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनके सामने चारों तरफ गंदा पानी, मलबा, टूटे हुए हिस्से और बहकर आई गाड़ियां नजर आती हैं। बाढ़ का पानी घर के ग्राउंड फ्लोर तक पहुंचा और दरवाजे-खिड़कियों को नुकसान भी पहुंचा, लेकिन मकान का मुख्य ढांचा नहीं टूटा। इसे देखकर सोशल मीडिया पर लोगों के मन में एक ही सवाल उठा आखिर इतना मजबूत क्या था कि आसपास की चीजें बह गईं, लेकिन यह घर बचा रहा?


सिर्फ किस्मत नहीं, घर की बनावट बनी वजह

पहली नजर में इसे लोग किस्मत या चमत्कार मान सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर Architecture Presentation नाम के X अकाउंट की ओर से साझा किए गए तकनीकी विश्लेषण में इसकी एक अलग वजह बताई गई है।

विश्लेषण के मुताबिक, नेपाल की हिमालयी घाटियों में कई घर पत्थर की चिनाई से बनाए जाते हैं। ऐसे मकान ऊपर से पड़ने वाले वजन को तो अच्छी तरह संभाल सकते हैं, लेकिन बगल से आने वाले तेज दबाव के सामने अपेक्षाकृत कमजोर हो सकते हैं। बाढ़ के साथ आने वाला पानी और भारी मलबा दीवारों पर इसी तरह का जोरदार साइड प्रेशर डालता है।

घर के अंदर बना था मजबूत 'ढांचा'

बताया गया कि इस हरे घर में सामान्य पत्थर की दीवारों के बजाय रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट फ्रेम का इस्तेमाल किया गया था। इस फ्रेम में स्टील की सरियों ने कॉलम, बीम और नींव को आपस में मजबूती से जोड़ रखा था। आसान भाषा में कहें तो पूरा घर अलग-अलग दीवारों का ढांचा नहीं था, बल्कि एक मजबूत कंकाल की तरह जुड़ा हुआ था।

जब पानी और मलबे ने घर पर बगल से जोर लगाया, तो पूरा दबाव सिर्फ दीवारों पर नहीं पड़ा। मजबूत फ्रेम ने उस ताकत को संभाला और नीचे नींव तक पहुंचाया। यही वजह बताई जा रही है कि मकान का मुख्य ढांचा बाढ़ के दबाव में नहीं ढहा।

घर की लोकेशन ने भी बचाया

सिर्फ मजबूत निर्माण ही नहीं, घर की जगह ने भी इसकी सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई।तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, यह मकान बाढ़ की मुख्य धारा से थोड़ा दूर था। इसलिए पानी और मलबे का सबसे तेज और गहरा बहाव सीधे घर से नहीं टकराया। आसपास जमा हुआ मलबा और कीचड़ भी बाद के पानी के बहाव की दिशा बदलने में मददगार बना। इससे घर पर पड़ने वाला सीधा दबाव और कम हो गया।

तबाही के बीच मजबूती की मिसाल बना घर

इस घटना की तस्वीरें और वीडियो इसलिए लोगों का ध्यान खींच रहे हैं क्योंकि एक तरफ आसपास का पूरा इलाका बाढ़ की ताकत के सामने टूटता नजर आ रहा है, वहीं यह हरा मकान अपनी नींव पर टिका हुआ दिखाई देता है।

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