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न मोबाइल, न सोशल मीडिया! बेटे के AIR-4 लाने के बाद भी ISRO साइंटिस्ट पिता बोले- ‘कुछ गलतियां नहीं करता तो रैंक-1 आता’, अब छिड़ी बहस

मोहित के पिता मनीष शेखर शुक्ला, जो ISRO में वैज्ञानिक हैं, ने बताया कि बेटे की पढ़ाई पर पूरा ध्यान रहे इसलिए बचपन से ही उसे मोबाइल फोन नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर का इस्तेमाल केवल जानकारी खोजने के लिए करने की अनुमति थी। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने परिवार की अनुशासित जीवनशैली की तारीफ की

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 04, 2026 पर 8:51 PM
न मोबाइल, न सोशल मीडिया! बेटे के AIR-4 लाने के बाद भी ISRO साइंटिस्ट पिता बोले- ‘कुछ गलतियां नहीं करता तो रैंक-1 आता’, अब छिड़ी बहस
बेटे के AIR-4 लाने के बाद भी ISRO साइंटिस्ट पिता बोले- ‘कुछ गलतियां नहीं करता तो रैंक-1 आता’, अब छिड़ी बहस

JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल करने वाले हैदराबाद के छात्र मोहित शेखर शुक्ला की सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। लेकिन उनकी उपलब्धि से ज्यादा उनके पिता का एक बयान बहस का कारण बन गया है। मोहित ने देशभर में चौथा स्थान यान AIR 4 हासिल किया और तेलंगाना टॉपर बने। उन्होंने रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की, सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले JEE Mains में भी उनकी 228वीं रैंक आई थी।

मोहित के पिता मनीष शेखर शुक्ला, जो ISRO में वैज्ञानिक हैं, ने बताया कि बेटे की पढ़ाई पर पूरा ध्यान रहे इसलिए बचपन से ही उसे मोबाइल फोन नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर का इस्तेमाल केवल जानकारी खोजने के लिए करने की अनुमति थी।

हालांकि, बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अगर मोहित से कुछ छोटी गलतियां नहीं हुई होतीं तो वह पहली रैंक भी हासिल कर सकता था।

यही बयान सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बन गया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि देशभर में चौथी रैंक लाने के बाद भी क्या बच्चे से और ज्यादा की उम्मीद करना सही है?

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