'भारतीयों के आने से खत्म हो जाएगी पकड़', US जॉब मार्केट पर NRI ने किया बड़ा दावा

NRI का अमेरिका में पढ़ाई को लेकर किया गया पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। NRI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय शेयर की। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रवासी भारतीय शायद नहीं चाहते कि भारत से ज्यादा कुशल प्रोफेशनल्स अमेरिका के जॉब मार्केट में आएं

अपडेटेड Aug 23, 2026 पर 10:19 AM
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विदेश में रह रहे लोगों की चेतावनी सुनकर छात्रों को विदेश जाकर पढ़ाई करने का फैसला नहीं छोड़ना चाहिए

अमेरिका में पढ़ाई का सपना देख रहे भारतीय छात्रों को अब वहां पर जाने का फैसला लेना आसान नहीं है। महंगी पढ़ाई, वीजा और इमिग्रेशन के बदलते नियम, नौकरी के मौके और भविष्य को लेकर कई तरह की चिंताएं हैं। इसी बीच एक NRI का अमेरिका में पढ़ाई को लेकर किया गया पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रोफेशनल ने विदेश में रहने वाले भारतीयों की सोच पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि, जरूरी नहीं कि सभी NRI भारतीय छात्रों के फायदे के बारे में सोचते हों। उनका मानना है कि कुछ लोगों को अमेरिका में बढ़ती नौकरी की प्रतिस्पर्धा की चिंता हो सकती है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

दूसरों की तरक्की ने होते खुश

अमरनाथ शिवशंकर, जो खुद को NRI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय शेयर की। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रवासी भारतीय शायद नहीं चाहते कि भारत से ज्यादा कुशल प्रोफेशनल्स अमेरिका के जॉब मार्केट में आएं। उन्होंने लिखा, “एक NRI के तौर पर मेरा मानना है कि ज्यादातर NRI दूसरों की तरक्की से खुश नहीं होते। वे नहीं चाहते कि भारत से ज्यादा काबिल लोग अमेरिका आएं, क्योंकि इससे उनकी पकड़ कमजोर हो सकती है। अगर भारत में करियर के इतने अच्छे मौके हैं, तो फिर ये NRI वापस भारत क्यों नहीं लौट रहे हैं?”


विदेशों में नए एक्सपीरिएंस मिलते हैं

पोस्ट में आगे लिख, "अगर आपके पास पैसे हैं और पढ़ाई के लिए ज्यादा लोन नहीं लेना पड़ रहा है, तो किसी अच्छी यूनिवर्सिटी का चुनाव करें। यह भी जरूर देखें कि वहां कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा हो, क्योंकि ऑफ-कैंपस नौकरी पाना आसान नहीं होता। विदेश में रहकर वहां की जिंदगी और नए अनुभवों को समझने का मौका लें। अगर आपको विदेश में नौकरी मिलती है, तो वहां जाकर काम जरूर करें। यह अनुभव काफी अलग होता है। क्लाइंट्स के साथ काम करने पर आपको नए तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसके बाद जब मन करे, आप भारत वापस लौट सकते हैं।"

 

अच्छे तरह से लें खर्चों की जानकारी

उन्होंने कहा कि, सिर्फ विदेश में रह रहे लोगों की चेतावनी सुनकर छात्रों को विदेश जाकर पढ़ाई करने का फैसला नहीं छोड़ना चाहिए। छात्रों को किसी भी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले उसकी पढ़ाई, फीस और दूसरे खर्चों की अच्छी तरह जानकारी लेनी चाहिए। इसके साथ ही ग्रेजुएशन के बाद नौकरी मिलने की संभावनाओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है। इससे छात्र अपने लिए बेहतर और सोच-समझकर फैसला ले सकेंगे।

यूजर्स ने किया कमेंट

इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स का कहना था कि, अमेरिका में पढ़ाई करने या न करने का फैसला सिर्फ जलन या नौकरी की प्रतिस्पर्धा के आधार पर नहीं लिया जा सकता। एक कमेंट करने वाले यूजर ने बताया कि, वह 15 साल से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ाई को लेकर उठाई जा रही कुछ चिंताएं वाकई सही हैं। यूजर ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के बीच बदलते ट्रेंड का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में सफलता सिर्फ स्किल्स पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सही समय और किस्मत भी इसमें अहम भूमिका निभा सकती है।

इमिग्रेशन की मुश्किलों पर की बात

एक अन्य यूजर ने इमिग्रेशन से जुड़ी मुश्किलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले अब अमेरिका में परमानेंट रेजिडेंसी हासिल करना काफी कठिन हो गया है और कई लोगों को इसके लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने सख्त इमिग्रेशन नियमों को लेकर भी चिंता जताई।इस पूरी चर्चा में विदेश जाकर काम करने से मिलने वाले अनुभव और दूसरी तरफ पढ़ाई के बढ़ते खर्च, नौकरी की अनिश्चितता और बदलते इमिग्रेशन नियमों से जुड़े जोखिमों पर बात हुई।

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