भारत की वह अनोखी नदी जो बहती है उल्टी दिशा में, जानिए क्या है इसका नाम और रहस्य

भारत में गंगा और यमुना जैसी नदियां लोगों की आस्था का केंद्र हैं, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। आमतौर पर देश की ज्यादातर नदियां पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर बहती हैं, लेकिन एक नदी ऐसी भी है जिसका प्रवाह इसके विपरीत दिशा में होता है। ‘आकाश की बेटी’ कहलाने वाली यह अनोखी नदी अक्सर सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछी जाती है

अपडेटेड Mar 05, 2026 पर 3:32 PM
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Opposite Flowing River in India: नर्मदा नदी को कई जगहों पर रीवा नदी के नाम से भी जाना जाता है।

भारत को नदियों की धरती कहा जाता है, जहां बहने वाली नदियां केवल पानी का स्रोत ही नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और सभ्यता की पहचान भी हैं। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी नदियां सदियों से लोगों के जीवन का अहम हिस्सा रही हैं। आमतौर पर भारत की अधिकांश नदियां पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर बहती हैं और अंत में समुद्र में जाकर मिलती हैं। लेकिन प्रकृति के इस नियम के बीच एक ऐसी नदी भी है, जो अपने अनोखे प्रवाह के कारण खास पहचान रखती है। यह नदी बाकी नदियों से बिल्कुल अलग दिशा में बहती है, जिस वजह से यह भूगोल और सामान्य ज्ञान में भी अक्सर चर्चा का विषय बन जाती है। यही कारण है कि इस नदी से जुड़ी जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं और क्विज में भी पूछी जाती है, इसलिए इसके बारे में जानना काफी दिलचस्प माना जाता है।

उल्टी दिशा में बहने वाली नदी का नाम

भारत में उल्टी दिशा यानी पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली नदी नर्मदा नदी है। इसका प्रवाह बाकी अधिकांश भारतीय नदियों से अलग है। यह नदी मध्य प्रदेश से निकलकर गुजरात की ओर बहती हुई अरब सागर में जाकर मिलती है। अपने अलग प्रवाह के कारण नर्मदा नदी को देश की सबसे खास नदियों में गिना जाता है।


रीवा नदी के नाम से भी प्रसिद्ध

नर्मदा नदी को कई जगहों पर रीवा नदी के नाम से भी जाना जाता है। करीब 1077 किलोमीटर लंबी यह नदी भारत की पांचवीं सबसे लंबी नदी मानी जाती है। इसका उद्गम मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक पठार से होता है, जहां से यह लंबी यात्रा शुरू करती है।

क्यों अलग है इसका प्रवाह?

नर्मदा नदी के उल्टी दिशा में बहने के पीछे मुख्य कारण भू-आकृतिक ढलान है। जिस दिशा में भूमि की ढलान होती है, उसी दिशा में नदी का प्रवाह तय होता है। नर्मदा घाटी की बनावट ऐसी है कि इसका ढलान पूर्व से पश्चिम की ओर है, इसलिए यह नदी भी उसी दिशा में बहती है।

धार्मिक कथाओं से भी जुड़ा है रहस्य

नर्मदा नदी को लेकर कई धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार नर्मदा का विवाह सोनभद्र नदी से तय हुआ था, लेकिन कुछ कारणों से यह विवाह नहीं हो सका। कहा जाता है कि इसी वजह से नर्मदा ने जीवनभर अविवाहित रहने का संकल्प लिया और अपनी धारा को अलग दिशा में मोड़ लिया।

इसलिए कहलाती है कुंवारी नदी

इन पौराणिक कथाओं और लोकमान्यताओं के कारण नर्मदा नदी को कई जगह “कुंवारी नदी” भी कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से भी इसका महत्व बहुत ज्यादा माना जाता है और नर्मदा परिक्रमा जैसी परंपराएं आज भी लोगों की आस्था से जुड़ी हुई हैं।

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