पेरिस जैसी दुनिया की मशहूर सिटी से मुंबई आकर नई जिंदगी शुरू करना 23 साल के निको के लिए किसी एडवेंचर से कम नहीं है। फ्रांस से करीब 7 हजार किलोमीटर दूर मुंबई पहुंचे निको यहां नई नौकरी के साथ एक बिल्कुल अलग माहौल को समझने में जुटे हैं। शुरुआत के कुछ हफ्तों में उन्हें शहर की कई ऐसी बातें देखने को मिलीं, जिनकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की थी। कभी पांच किलोमीटर का सफर ट्रैफिक की वजह से लंबा हो जाता है, तो कभी गर्मी, चाय और लोकल खाने का अनुभव उन्हें मुंबई के और करीब ले आता है।
नई भाषा सीखने से लेकर नए लोगों से मिलने और शहर के अलग-अलग हिस्सों को घूमने तक, निको हर दिन कुछ नया अनुभव कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्हें मुंबई पसंद आने लगी है। सोशल मीडिया पर शेयर किए उनके अनुभव अब लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
5 किलोमीटर की दूरी भी लग सकती है लंबी
मुंबई आने के बाद निको को सबसे पहले जिस चीज ने चौंकाया, वह थी शहर की दूरी और ट्रैफिक। उनके मुताबिक, यहां पांच किलोमीटर की दूरी का मतलब यह जरूरी नहीं कि सफर जल्दी पूरा हो जाएगा। ट्रैफिक की वजह से छोटी दूरी तय करने में भी काफी समय लग सकता है। यही वजह है कि अब निको को अपनी दिनचर्या और काम की प्लानिंग पहले से अलग तरीके से करनी पड़ती है।
अब दिन की प्लानिंग में ट्रैफिक और चाय भी शामिल
मुंबई में रहने के बाद निको की रोजमर्रा की जिंदगी भी बदल गई है। अब उन्हें कहीं जाने से पहले ट्रैफिक का ध्यान रखना पड़ता है। इसके अलावा गर्मी, चाय और अच्छा खाना भी उनकी रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।
उनके लिए शहर की यही छोटी-छोटी बातें मुंबई को पेरिस से बिल्कुल अलग बनाती हैं।
7 हजार किलोमीटर दूर आकर शुरू की नई जिंदगी
निको ने बताया कि वह पेरिस से करीब 7 हजार किलोमीटर दूर आकर मुंबई में एक नई जिंदगी शुरू कर रहे हैं। नई नौकरी, नए दोस्त, नई भाषा और नया माहौल सबकुछ उनके लिए नया है। उन्होंने अपने अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि 23 साल की उम्र में उन्हें लगभग हर चीज खुद समझनी पड़ रही है। कभी रास्ता भटक जाते हैं, तो कभी हिंदी सीखने की कोशिश करते हैं।
मुंबई में कुछ हफ्ते बिताने के बाद निको को एक और एहसास हुआ, जिसकी शायद उन्होंने शुरुआत में उम्मीद नहीं की थी। उन्हें धीरे-धीरे यह शहर पसंद आने लगा।
वह कहते हैं कि कई बार उन्हें खुद हैरानी होती है कि आखिर वह मुंबई कैसे पहुंच गए। लेकिन यही अनिश्चितता इस पूरे अनुभव को उनके लिए खास भी
गणपति उत्सव से लेकर समुद्र तक, सब एक्सप्लोर कर रहे निको
मुंबई आने के बाद निको ने शहर को सिर्फ काम के नजरिए से नहीं देखा। उन्होंने गणेश विसर्जन के नजारे देखे, शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमे और समुद्र किनारे भी समय बिताया।
इसके अलावा वह स्थानीय खाना और मुंबई की अलग-अलग चीजों को भी आजमा रहे हैं। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वह इन अनुभवों की झलक लगातार शेयर कर रहे हैं।
‘कभी-कभी सबसे सही फैसला अजीब लगता है’
निको का मानना है कि जिंदगी में कुछ फैसले ऐसे होते हैं जिन्हें घर बैठे समझाना मुश्किल होता है, लेकिन वही फैसले बाद में सबसे यादगार अनुभव बन जाते हैं। पेरिस से मुंबई आने का उनका फैसला भी कुछ ऐसा ही है। फिलहाल वह शहर की भाषा, रास्तों और जिंदगी को समझ रहे हैं और उनकी मुंबई वाली कहानी अभी शुरू ही हुई है।