पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में जांच ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह घटना अचानक हुई नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। आरोप है कि मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने वारदात से पहले इंटरनेट पर हत्या के तरीकों से जुड़ी जानकारी भी खोजी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, डिजिटल सबूतों और कॉल रिकॉर्ड्स से यह संकेत मिलता है कि दोनों के बीच लंबे समय से लगातार संपर्क बना हुआ था।
इस मामले ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है और लोग इस रिश्ते, विश्वासघात और कथित साजिश को लेकर हैरान हैं। फिलहाल पुलिस सभी तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की गहराई से जांच कर रही है और मामले की परतें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
लोणावला के लोहेगढ़ फोर्ट पर रची गई ‘मौत की पटकथा’
जांच के अनुसार, 18 जून को लोहेगढ़ फोर्ट पर केतन को कथित तौर पर धक्का देकर गहरी खाई में गिराया गया। पुलिस का कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पहले से तैयार किया गया एक सुनियोजित प्लान था, जिसे फोर्ट की सुनसान लोकेशन पर अंजाम दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन के बीच महीनों तक बेहद गहन संपर्क था। जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच 2004 से अधिक कॉल्स रिकॉर्ड हुए, जिनमें घंटों लंबी बातचीत शामिल थी। व्हाट्सऐप और फेसटाइम कॉल्स ने उनके रिश्ते और कथित साजिश की परतें खोल दीं।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, दोनों ने घटना से पहले हत्या के तरीकों की ऑनलाइन खोज की थी। बताया गया कि वारदात वाले दिन दोनों पहले एक कैफे में मिले और फिर लोहेगढ़ फोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां कथित योजना को अंतिम रूप दिया गया।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि चेतन ने 18 जून को अपना फोन कई घंटों तक बंद रखा और लोकेशन से बचने के लिए कर्मचारी का मोबाइल इस्तेमाल किया। इससे जांच एजेंसियों को शक और गहरा हो गया।
फोर्ट इलाके की CCTV फुटेज में एक हुडी पहना व्यक्ति केतन और सिया का पीछा करता नजर आया। सोशल मीडिया और तस्वीरों के मिलान के बाद पुलिस ने इस व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में की।
रिश्ता, असमंजस और परिवार की मर्यादा
पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के बीच रिश्ते थे, जबकि सिया की सगाई केतन से हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि शादी से बचने और रिश्ते को छिपाने की वजह से यह कथित साजिश रची गई। हालांकि, सिया परिवार की बदनामी के डर से भागने के पक्ष में नहीं थी।
गिरफ्तारी और आगे की जांच जारी
पुलिस ने डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड्स और CCTV फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच अभी जारी है और और भी खुलासों की संभावना जताई जा रही है।