रात के समय पटरी पर दौड़ रही वंदे भारत एक्सप्रेस के सामने अचानक एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आ जाने से बड़ा हादसा होते-होते बच गया। लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से ट्रेन की टक्कर के बाद यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया। ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया और करीब 41 मिनट तक घटनास्थल पर खड़ा रखा गया। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे। इसके बाद तकनीकी टीम ने ट्रेन की जांच की और ट्रैक की भी स्थिति देखी। जांच में सब कुछ सुरक्षित पाए जाने के बाद ट्रेन को आगे पटना के लिए रवाना किया गया।
सबसे राहत वाली बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, इस घटना ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी रात में लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली संवेदनशील रेल पटरी तक कैसे पहुंची, इसकी जांच अब की जा रही है।
टक्कर के बाद तुरंत लगा ब्रेक
हादसा होते ही ट्रेन के चालक ने बिना देर किए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रेन को मामूली नुकसान पहुंचा। इसके बाद वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 41 मिनट तक घटनास्थल पर खड़ी रही। घटना की जानकारी तुरंत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर जांच और सुरक्षा व्यवस्था शुरू कर दी गई।
तकनीकी टीम ने ट्रेन की जांच की
ट्रेन रुकने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने ट्रेन के जरूरी हिस्सों की बारीकी से जांच की और यह सुनिश्चित किया कि आगे सफर करना सुरक्षित है या नहीं। जांच पूरी होने और ट्रैक को सुरक्षित किए जाने के बाद ट्रेन को दोबारा रवाना कर दिया गया। इसके बाद वंदे भारत एक्सप्रेस पटना की ओर आगे बढ़ी।
यात्रियों में मचा डर, फिर मिली राहत
देर रात अचानक हुई टक्कर से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए घबराहट फैल गई। यात्रियों को समझ नहीं आ रहा था कि ट्रेन अचानक क्यों रुक गई है। हालांकि, जब उन्हें पता चला कि हादसे में कोई यात्री घायल नहीं हुआ है और ट्रेन की सुरक्षा जांच पूरी की जा रही है, तो सभी ने राहत की सांस ली।
पटरी तक ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंची कैसे?
इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि लकड़ी से लदी भारी ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे ट्रैक तक आखिर पहुंची कैसे? खास तौर पर व्यस्त और संवेदनशील रेल मार्ग पर इस तरह का वाहन पहुंच जाना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस और रेलवे मिलकर तलाश रहे जवाब
जांच एजेंसियां अब ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक की पहचान करने में जुटी हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह इतनी रात को रेलवे ट्रैक के इतने करीब क्यों मौजूद था और ट्रॉली वहां तक कैसे पहुंची। पुलिस और रेलवे अधिकारी मिलकर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल ट्रैक को सुरक्षित कर दिया गया है और रेल परिचालन सामान्य रूप से जारी है।
बड़ा हादसा टला, लेकिन सवाल बाकी
इस घटना में किसी के घायल न होने से बड़ी राहत मिली है। चालक की समय पर कार्रवाई और तकनीकी टीम की जांच के बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे रवाना किया गया। हालांकि, पटरी पर बाहरी वाहन पहुंचने की घटना ने रेलवे सुरक्षा को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।