Avni Kejriwal: रांची की एक छात्रा की CBSE री-इवैल्यूएशन की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे इस साल की सबसे चौंकाने वाली बोर्ड परीक्षा की घटनाओं में से एक बता रहे हैं। अवनी केजरीवाल, जो 12वीं कॉमर्स की छात्रा हैं, पहले उन्हें 92% से थोड़ा ज्यादा अंक मिले थे। लेकिन CBSE द्वारा उनकी आंसर शीट की दोबारा जांच (री-इवैल्यूएशन) के बाद उनका स्कोर बढ़कर 500 में 500 अंक हो गया।
अवनी ने बताया कि सबसे बड़ी गड़बड़ी अंग्रेजी विषय में हुई थी, जिसे वह अपना सबसे मजबूत विषय मानती थीं। उनके मुताबिक, अंग्रेजी में लगभग हर सब्जेक्टिव उत्तर में उम्मीद से कम अंक दिए गए थे और इसी वजह से उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया। वहीं, दोबारा जांच के बाद उनके कुल 24 अंक बढ़ गए, जिसमें अंग्रेजी में 19 अंक और बिजनेस स्टडीज में 5 अंक अतिरिक्त मिले।
इस अपडेट को शेयर करते हुए ANI ने पोस्ट किया: " रांची, झारखंड की अवनी केजरीवाल ने CBSE की 12वीं कक्षा में री-इवैल्यूएशन के बाद 500 में से 500 अंक हासिल किए।" बाद में अवनी ने बताया, "अभी सब बहुत खुश हैं। हमें 500 अंकों की उम्मीद नहीं थी, लेकिन सब बहुत खुश हैं। इंग्लिश में मेरे 19 अंक कट गए थे, जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। इंग्लिश मेरा पसंदीदा और सबसे मजबूत विषय था। इसीलिए मैंने री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया था। बिनेस स्टडीज में भी 5 अंक कटे थे। मुझे पहले ही 3 विषयों में 100 में से 100 अंक मिल चुके थे। अब मेरा स्कोर 24 अंक बढ़ गया है।"
एक अन्य वीडियो में, अवनी ने बताया कि कैसे उनके इंग्लिश पेपर के लगभग हर लंबे जवाब में से करीब 0.5 नंबर काटे गए थे। उन्होंने आगे कहा कि अब वह बिनेस और फाइनेंस से जुड़ी पढ़ाई करना चाहती हैं, हालांकि, किस कॉलेज में दाखिला लेंगी, इसका अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "मैंने कॉमर्स से पढ़ाई की है, इसलिए आगे बिजनेस और फाइनेंस की पढ़ाई करना चाहती हूं। कॉलेज को लेकर अभी फैसला नहीं लिया है, मैं अभी इंतजार कर रही हूं।"
सोशल मीडिया पर लोगों का आया रिएक्शन
री-इवैल्यूएशन के बाद 500 में 500 अंक मिलने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स हैरान थे कि एक भाषा विषय में री-इवैल्यूएशन के बाद इतने बड़े स्तर पर अंक कैसे बढ़ सकते हैं, जबकि अंग्रेजी में पूरे अंक मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
एक यूजर ने सवाल किया, "इंग्लिश पेपर चेक करने वाला व्यक्ति इतनी आसानी से 19 नंबर कैसे छोड़ सकता है? बहुत चौंकाने वाली बात है, लेकिन इस बच्ची को बधाई।" एक और यूर ने लिखा, "उसे शुरू में 81 नंबर मिले थे और री-इवैल्यूएशन के बाद 100 मिले। यह तो कमाल है।"
वहीं, कुछ लोगों ने आज के मार्किंग पैटर्न की तुलना पुराने CBSE ट्रेंड्स से करते हुए पुरानी यादें ताजा कीं। एक कमेंट करने वाले ने लिखा, "उस समय इंग्लिश में सबसे ज्यादा स्कोर 70 के आसपास ही होता था। अब बच्चे 100 स्कोर कर रहे हैं।" एक और व्यक्ति ने कहा, "मेरे समय में इंग्लिश में ज्यादा से ज्यादा 74-80 मार्क्स ही मिलते थे।" वहीं, एक यूजर ने मज़ाक में कहा, "मैं तो चीटिंग करके भी इतने मार्क्स नहीं ला सकता।" एक और वायरल कमेंट में लिखा था: "मैंने एक बार अपने कॉलेज का पेपर री-वैल्यूएशन के लिए दिया था और उन्होंने मेरे मार्क्स कम कर दिए।"
हालांकि, कुछ लोगों ने परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, "किसी स्टूडेंट पर कमेंट नहीं कर रहा, लेकिन एग्जामिनेशन सिस्टम में कुछ तो बहुत बड़ी गड़बड़ है जो किसी स्टूडेंट को 500 में से 500 मार्क्स देता है।"