Real Alphonso Mango Identify Tips: गर्मियों का मौसम आमों की खुशबू भी अपने साथ लाता है। हवा में घुली-मिली आमों की भीनी-भीनी खुशबू जी ललचाती है। बाजार आमों की सैकड़ों किस्मों से भर जाते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में मिलने वाले फलों के राजा अगल खासियत और स्वाद है। इनमें अलफांसो आमों की तो बात ही कुछ और होती है। शायद ही कोई हो, जो एक बार अलफोंसो आम का स्वाद चखने के बाद इनका दीवाना न हो जाए।
अलफोंसो, आम की सबसे महंगी और पसंद की जाने वाली प्रजाति है, जिसका बाजार बहुत ही बड़ा है। यही वजह है कि जब बाजार में आप इसकी मांग करते हैं तो कई बार दुकानदार आपको अल्फांसो के नाम पर कोई दूसरा आम पकड़ा देता हैं। लेकिन इसका स्वाद चखने के बाद ही ठगे जाने का पता चलता है। इसलिए हम देवगढ़ अल्फांसो की पहचान करने के 5 टिप्स आपको बता रहे हैं। कोंकण के उत्तर और कर्नाटक के आम भी अल्फांसो के तौर पर टैग किए जाते हैं।
असली अल्फांसो का संबंध महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिला में देवगढ़ और रत्नागिरी से है। महाराष्ट्र के अल्फांसो आम में प्रमाणिकता की पुष्टि के लिए जीआई टैग इस्तेमाल किया जाता है। अधिकृत विक्रेता जीआई टैग के तहत असली अल्फांसो आम ग्राहकों तक सीधे पहुंचाते हैं। इसमें भारतीय खाद्य संरक्षण व मानक प्राधिकरण की सभी गाइडलान्स का पालन किया जाता है।
देवगढ़ अल्फांसो की पहचान करने के 5 टिप्स
बनावट : असली अलफोंसो आम देखने में मोटा और गोल होना चाहिए। इसका ऊपर का हिस्सा इसके 'कंधों' के मुकाबले थोड़ा कम गहरा होना चाहिए। अल्फांसो अंडाकार शेप का होता है।
रंग : असली अलफोंसो आम पीला और हरा रंग का ग्रेडियेन्ट शेड का होता है। यह ना तो पूरा पीला और ना ही पूरा हरा होता है। कुदरती तौर पर पके आमों के ऊपर पीले, हरे और लाल रंग दिखते हैं।
छिलका : असली हापुस आम का छिलका दूसरे आमों के मुकाबले पतला होना चाहिए। अलफोंसो आम पेड़ पर ही पकते हैं। ऐसे में अलफोंसो आम खरीदते समय इसे छू कर देखें। नरम और पका हुआ लगे तभी आम खरीदें।
स्वाद और टेक्सचर : असली देवगढ़ अलफोंसो आम कम रेशेदार होता है। इसका एक अलग स्वाद होता है। खाने के बाद वह स्वाद आपकी जबान पर बना रहता है। अल्फांसो अन्य आमों की तुलना में बहुत ज्यादा मीठा नहीं होता।