सांप और नाग का नाम सुनते ही दिमाग में अक्सर फन फैलाए एक कोबरा की तस्वीर उभरती है। लेकिन क्या सच में हर सांप को नाग कहा जा सकता है? दिलचस्प बात यह है कि वैज्ञानिक नजरिए से दोनों शब्द एक ही अर्थ नहीं रखते। हर नाग सांप है, लेकिन हर सांप नाग नहीं होता। सांपों की दुनिया बेहद विशाल है और इसमें कई अलग-अलग प्रजातियां शामिल हैं। वहीं ‘नाग’ शब्द आमतौर पर कोबरा जैसे सांपों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भारत में पाए जाने वाले इंडियन कोबरा का वैज्ञानिक नाम Naja naja है और यह Elapidae परिवार का सदस्य है।
यानी फिल्मों, कहानियों और आम बोलचाल में जिस ‘नाग’ की चर्चा होती है, उसके पीछे विज्ञान की एक अलग और दिलचस्प कहानी है। आइए जानते हैं कि सांप और नाग में आखिर कितना फर्क है और इन्हें लेकर लोगों के बीच यह भ्रम क्यों बना हुआ है।
सांपों की दुनिया है बेहद विविध
सांप सरिसृपों का एक बड़ा समूह हैं और भारत में इनकी कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कुछ विषहीन होती हैं, जबकि कुछ प्रजातियों का जहर बेहद खतरनाक हो सकता है। अजगर और धामन विषहीन सांपों के उदाहरण हैं। दूसरी ओर, करैत और रसेल वाइपर जैसे जहरीले सांप भी भारत में पाए जाते हैं। इसलिए किसी सांप को देखकर तुरंत यह मान लेना कि वह जहरीला है, सही नहीं है।
फन फैलाना कोबरा की खास पहचान
जब कोबरा को खतरा महसूस होता है, तो वह अपने शरीर के अगले हिस्से को ऊपर उठाकर गर्दन की पसलियों को फैला सकता है। इससे उसका चौड़ा फन दिखाई देता है। यही कोबरा की सबसे आसानी से पहचानी जाने वाली विशेषताओं में से एक है। इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा के फन के पीछे अक्सर चश्मे जैसा निशान दिखाई देता है। इसी वजह से इसे ‘स्पेक्टेकल्ड कोबरा’ कहा जाता है। हालांकि, हर कोबरा में निशान, रंग और पैटर्न बिल्कुल एक जैसे हों, यह जरूरी नहीं है।
नागराज और किंग कोबरा एक नहीं
‘नाग’ और ‘नागराज’ शब्दों को लेकर भी अक्सर भ्रम देखने को मिलता है। खास बात यह है कि किंग कोबरा और इंडियन कोबरा अलग-अलग प्रजातियां हैं। इसलिए केवल नाम, रंग या फन देखकर किसी सांप की सटीक प्रजाति तय करना सही नहीं है। सांप की पहचान को लेकर संदेह होने पर विशेषज्ञ की मदद लेना ही सुरक्षित विकल्प है।
सामने आ जाए सांप तो क्या करें?
अगर घर, खेत या सड़क के आसपास अचानक सांप दिखाई दे जाए, तो सबसे पहले शांत रहें और उससे दूरी बनाए रखें। सांप को पकड़ने, छेड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।खासकर फन फैलाए हुए सांप के पास जाना जोखिम भरा हो सकता है। उसकी तस्वीर या वीडियो लेने के लिए भी उसके करीब जाने से बचना चाहिए।
सांप दिखने पर एक्सपर्ट की मदद लें
सांप दिखाई देने पर स्थानीय वन विभाग, प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर या वन्यजीव बचाव टीम से संपर्क करना बेहतर है। ज्यादातर सांप इंसानों से दूरी बनाए रखना चाहते हैं और खतरा महसूस होने पर ही रक्षात्मक व्यवहार करते हैं। इसलिए सामने मौजूद सांप जहरीला है या विषहीन, इसका फैसला खुद करने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। सांपों के बारे में सही जानकारी रखना और उनके प्राकृतिक व्यवहार को समझना इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।