दक्षिण कोरिया की चमक-दमक और आधुनिक जीवनशैली लोगों को काफी आकर्षित करती है, लेकिन वहां रहना हर किसी के लिए आसान नहीं है। खासकर रोजमर्रा के खर्च और नियमों से जुड़ी कुछ बातें लोगों को हैरान कर सकती हैं। हाल ही में दक्षिण कोरिया में रहने वाले एक भारतीय शख्स ने अपने अनुभव का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसमें उसने अपार्टमेंट के मेंटेनेंस चार्ज से लेकर कचरा फेंकने के सख्त नियमों तक के बारे में बताया। उसकी बातें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू हो गई है।
कई लोग वहां की व्यवस्था को साफ-सफाई के लिहाज से अच्छा मान रहे हैं, तो कुछ लोगों के लिए ये नियम काफी मुश्किल भरे हैं। आखिर दक्षिण कोरिया में रहने के दौरान इस शख्स को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और कूड़ा फेंकने के लिए कौन से नियम मानने होते हैं?
हर महीने ₹60 हजार मेंटेनेंस चार्ज
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में भारतीय शख्स ने बताया कि वह अपने अपार्टमेंट के मेंटेनेंस के लिए हर महीने करीब 60 हजार रुपये खर्च करता है। हैरानी की बात यह है कि इस रकम में बिजली और पानी का बिल शामिल नहीं है। उसके मुताबिक, यह पैसा मुख्य रूप से लिफ्ट और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं के लिए लिया जाता है।
हालांकि, अपार्टमेंट का मेंटेनेंस चार्ज बिल्डिंग और वहां मिलने वाली सुविधाओं के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
कूड़ा फेंकने के लिए भी मानने पड़ते हैं नियम
शख्स ने बताया कि दक्षिण कोरिया में कचरा फेंकने के लिए तय नियमों का पालन करना जरूरी है। यहां कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना पड़ता है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
उसने बताया कि कार्डबोर्ड के डिब्बों को फेंकने से पहले उन पर लगी सेलोटेप हटानी होती है। वहीं, प्लास्टिक के इस्तेमाल किए गए खाने के डिब्बों को अच्छी तरह धोने के बाद ही कचरे में डालना चाहिए।
₹60 का बैग खरीदकर डालना पड़ता है कचरा
वीडियो में शख्स ने बताया कि कचरा फेंकने के लिए सरकार या अधिकृत विक्रेताओं के तय बैग इस्तेमाल करने होते हैं। उसके अनुसार, 20 लीटर के एक बैग की कीमत करीब 60 रुपये है। कचरे की मात्रा के हिसाब से अलग-अलग आकार के बैग खरीदे जाते हैं।
खाने से निकलने वाले कचरे को भी अलग रखना पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति कचरे को गलत श्रेणी में डालता है, तो उस पर जुर्माना लग सकता है। प्याज के छिलके जैसी छोटी चीजों को गलत तरीके से फेंकना भी परेशानी खड़ी कर सकता है।
पुराना कारपेट फेंकने के लिए चाहिए खास स्टिकर
भारतीय शख्स ने बताया कि पुराने कारपेट जैसी बड़ी चीजों को फेंकने के लिए विशेष स्टिकर खरीदना पड़ता है। उसने इसकी कीमत करीब 300 रुपये बताई। यह स्टिकर अपार्टमेंट ऑफिस से लिया जा सकता है। जरूरी स्टिकर के बिना भारी सामान फेंकने पर जुर्माना लगने का खतरा रहता है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने दक्षिण कोरिया की सफाई व्यवस्था की तारीफ की। कुछ लोगों ने कहा कि साफ-सुथरे शहरों के लिए नागरिकों को भी नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने भारत में भी कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने की जरूरत बताई।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।