Sabrimala Mandir को देश ही नहीं दुनिया में भी आस्था के केंद्र के रूप में जाना जाता है। आस्था का केंद्र होने के अलावा केरल के पथनमथिट्टा जिले में स्थित ये मंदिर अपनी संपत्ति के लिए भी जाना जाता है। समुद्र तल से 4,133 फीट की ऊंचाई पर बना भगवान अयप्पा स्वामी का ये मंदिर, भारत के सबसे धनी और सबसे ज्यादा देखे जाने वाले तीर्थस्थलों में से एक है। इसकी एक बड़ा हिस्सा सोने और वार्षिक दान से आता है। इसी मंदिर से सोना गायब होने की जानकारी मिली है। खबरों की मानें, तो इस मंदिर से करीब 4.5 किलो सोना गायब हुआ है। केरल हाईकोर्ट ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट 30 सितंबर को आने की उम्मीद है।
मंदिर के पास है लगभग 230 किलो सोना
केरल के अयप्पा स्वामी मंदिर के पास कितना सोना है इसका अंदाज 2024 में आई मातृभूति की रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। इसके मुताबिक मंदिर के पास 227.824 किलोग्रम सोना और 2,994 किलोग्राम चांदी है। मंदिर के पास मौजूद ये सोना मंदिर के दैनिक अनुष्ठानों और अन्य प्रायोजनों के लिए रखे सोने से अलग है, यानी ये सोना उसके भंडार का हिस्सा है। मंदिर के इस स्वर्ण भंडार को हाल ही में एक जमा योजना के अंतर्गत लाया गया है, जिस पर मंदिर को अच्छा-खासा ब्याज मिलता है।
245 करोड़ रुपये है मंदिर की कुल संपत्ति
सबरीमाला मंदिर की अनुमानित कुल संपत्ति सितंबर 2025 तक, 245 करोड़ रुपये है। इसका वार्षिक राजस्व (2023 तीर्थयात्रा सत्र के दौरान) 320 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। हर साल, भक्तों के चढ़ावे के रूप में 15 किलोग्राम से अधिक सोना एकत्र किया जाता है। वार्षिक दान अक्सर 105 करोड़ रुपये से अधिक होता है। मंदिर की संपत्तियों में सावधि जमा और सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक मूल्य के विभिन्न आभूषण शामिल हैं।
क्या है सोना गायब होने का विवाद ?
सबरी माला मंदिर के प्रवेश द्वार पर द्वारपालकों की तांबे की दो मूर्तियां हैं। सोने से मढ़ी इन मूर्तियों का वजन अगस्त 2019 में 42.8 किलो है। अगस्त 2019 में भक्त उन्नीकृष्णन पोट्टी द्वारा धर्मार्थ कार्य के तहत इन मूर्तियों को फिर से मढ़वाने के लिए चेन्नई भेजा गया था। जब ये मूर्तियां वापस आईं तो इनका वजह घटकर 38.258 किलोग्राम रह गया। इससे पता चलता है कि इन मूर्तियों में से 4.5 किलोग्राम से ज्यादा सोना कम हुआ था। हालांकि, टीडीबी ने आधिकारिक तौर पर इस विसंगति की रिपोर्ट नहीं की थी। डक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, केरल उच्च न्यायालय ने इस विसंगति की सतर्कता जांच का आदेश दिया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए, केरल हाईकोर्ट ने कहा कि यह अंतर समझ से परे है। पीठ ने टिप्पणी की, ‘अगर यह पेट्रोल होता, तो वजन में कमी समझ में आती, लेकिन चूंकि यह सोना था, तो इसका वजन कैसे कम हो सकता है? ’ और देवस्वोम सतर्कता विभाग द्वारा जांच का आदेश दिया, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट 30 सितंबर, 2025 तक आने की उम्मीद है।