आज का वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता, इसलिए जापानी करते हैं ये नेक काम!

मुश्किल समय में जो लोग हमारा साथ देते हैं, उनकी छोटी-सी मदद भी बहुत बड़ी लगती है। लेकिन परेशानी खत्म होने के बाद हम अपनी लाइफ में बिजी होकर उन्हें भूल जाते हैं। यह जापानी कहावत हमें याद दिलाती है कि अच्छे दिन आने पर भी मुश्किल वक्त के मददगार लोगों को नहीं भूलना चाहिए। उनकी मदद की कद्र करना और दिल से शुक्रगुजार रहना हमेशा जरूरी है।

अपडेटेड Aug 19, 2026 पर 4:51 PM

मुश्किल समय में छोटी-सी मदद भी हमारे लिए बहुत बड़ी बन जाती है। बिना कहे कोई मदद कर दे, तो उस समय उसका साथ बहुत खास लगता है। लेकिन जब मुश्किल समय गुजर जाता है, तो हम अपनी जिंदगी में बिजी हो जाते हैं और उन लोगों को भूल जाते हैं, जिन्होंने हमारा साथ दिया था।

कहावत का मतलब

मुश्किल समय में जो लोग हमारे साथ खड़े होते हैं, उनकी मदद को कभी नहीं भूलना चाहिए। जैसे तेज धूप में पेड़ की छांव हमें राहत देती है और उस समय उसकी अहमियत बहुत ज्यादा महसूस होती है। लेकिन जब धूप कम हो जाती है, तो हम उसी पेड़ की छांव को आसानी से भूल जाते हैं। इसी तरह परेशानी खत्म होने के बाद अपने मददगारों को भूलना सही नहीं है। अच्छे समय में भी हमें याद रखना चाहिए कि बुरे वक्त में किसने हमारा साथ दिया था।


साथ की अहमियत

जब जिंदगी में कोई परेशानी आती है, तो हमें अपने आसपास के लोगों के सहारे की जरूरत महसूस होती है। उस समय किसी दोस्त का फोन करके हाल पूछना, परिवार के किसी सदस्य का साथ देना या किसी का बिना कहे छोटी-सी मदद करना भी बहुत मायने रखता है। ऐसी मदद हमें मुश्किल समय से निकलने की हिम्मत देती है। इसलिए हालात ठीक हो जाने के बाद भी उन लोगों की मदद और उनके साथ को याद रखना चाहिए। छोटी-सी मदद भी उस समय हमारे लिए बहुत बड़ी हो सकती है।

भूलने के कारण

मुश्किल समय गुजरने के बाद जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य होने लगती है। हमारा ध्यान काम, परिवार, नई जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की दूसरी चीजों पर चला जाता है। हम उन लोगों को कम याद करने लगते हैं, जिन्होंने बुरे वक्त में हमारा साथ दिया था। कई बार ऐसा हम जानबूझकर नहीं करते, बल्कि जिंदगी की भागदौड़ में ऐसा हो जाता है। फिर भी समय निकालकर उन लोगों को याद करना जरूरी है, जिन्होंने हमारे मुश्किल दिनों को आसान बनाने में मदद की थी।

शुक्रगुजार रहें

यह कहावत हमें हमेशा आभार और शुक्रगुजारी की भावना रखने की सीख देती है। जिसने मुश्किल समय में हमारी मदद की, हो सकता है कि उसने बदले में हमसे कुछ भी उम्मीद न की हो। फिर भी उसकी मदद को याद रखना और समय मिलने पर दिल से धन्यवाद कहना अच्छी आदत है। इससे रिश्तों में अपनापन बढ़ता है और सामने वाले को भी महसूस होता है कि उसकी मदद हमारे लिए मायने रखती थी।

सीख याद रखें

इस कहावत की सबसे बड़ी सीख यही है कि अच्छे दिन आने पर बुरे दिनों को और उस समय साथ देने वाले लोगों को नहीं भूलना चाहिए। जिंदगी में हर इंसान को कभी न कभी किसी के सहारे की जरूरत पड़ सकती है। जिस तरह हमें मुश्किल समय में किसी की मदद अच्छी लगती है, उसी तरह किसी और के बुरे समय में हमें भी उसके साथ खड़ा होना चाहिए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।