भारत में सांपों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं, लेकिन बरसात के मौसम में इनका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जैसे ही पानी भरता है या जमीन नम होती है, सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर घरों, दफ्तरों और आसपास के इलाकों में दिखाई देने लगते हैं। सांपों के बारे में सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि सभी सांप जहरीले होते हैं, जबकि वास्तव में भारत में पाए जाने वाले करीब 60% सांप इंसानों के लिए हानिरहित होते हैं। हालांकि, बाकी कुछ प्रजातियां इतनी खतरनाक और जहरीली होती हैं कि उनके डसने के बाद इंसान के पास बचने का बहुत कम समय होता है।
इन सांपों के जहर का असर इतना तेज होता है कि अगर तुरंत सही इलाज न मिले, तो स्थिति मिनटों में गंभीर हो सकती है। ऐसे में इन्हें पहचानना और इनसे बचाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। आगे जानते हैं भारत के 5 सबसे जहरीले सांपों के बारे में।
नाग भारत का सबसे प्रसिद्ध जहरीला सांप है, जिसकी लंबाई लगभग डेढ़ मीटर होती है। ये खासतौर पर सुबह और शाम के समय सक्रिय रहता है। सांपों में कोबरा को विशेष पहचान और धार्मिक महत्व भी प्राप्त है क्योंकि इसे भगवान शिव से जोड़ा जाता है।
रसल वाइपर का शरीर मोटा और मजबूत होता है, जिसकी लंबाई लगभग 1.2 से 1.5 मीटर तक होती है। भूरे या काले धब्बों वाला ये सांप भारत के सबसे जहरीले सांपों में शामिल है। इसके डसने पर समय पर इलाज न मिले तो कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।
कोबरा परिवार का ये सांप सामान्य कोबरा जैसा दिखता है, लेकिन इसके फन पर एक धब्बा होता है जो इसे अलग पहचान देता है। मोनोक्लेड कोबरा कई बार अपना विष थूकते हुए भी पाया गया है, जो इसे और खतरनाक बना देता है।
ये सांप शर्मीला जरूर है, मगर इसके शरीर में मौजूद न्यूरोटॉक्सिन जहर बेहद खतरनाक है। इसके डसने पर खून का बहाव रुक जाता है और समय रहते इलाज न मिले तो कुछ ही देर में मौत हो सकती है।
कॉमन करैत सांप ज्यादातर रात को सक्रिय रहता है। इसे साइलेंट किलर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके डसने पर न तो कोई दर्द होता है और न ही निशान दिखाई देता है। जब तक पीड़ित को पता चलता है, तब तक अक्सर देर हो चुकी होती है।