डॉक्टर बनने की ऐसी चाह कि खुद काट दिया अपना पैर, दिव्यांग कोटे से MBBS में प्रवेश के लिए रची पूरी साजिश

यूपी के जौनपुर में एक शख्स ने एमबीबीएस में प्रवेश के लिए वो कर दिया, जिसके बारे में कोई सोच नहीं सकता है। इस शख्स ने मेडिकल में दिव्यांग कोटे से प्रवेश लेने के लिए अपना पैर खुद ही काट लिया। घर वालों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट और जांच शुरू कर दी है

अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 6:10 PM
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एक शख्स ने दिव्यांग कोटे से एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए अपने पैर का पंजा खुद ही काट दिया।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सनकीपन के एक ऐसे मामले का खुलासा पुलिस ने किया है, जिसने और तर्क और समझ के सारे दावों को ध्वस्त कर दिया है। यहां के एक शख्स ने दिव्यांग कोटे से एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए अपने पैर का पंजा खुद ही काट दिया। इसके बाद हमले की झूठी कहानी कहानी गढ़ी। जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पूरा मामला प्याज की परत की तरह खुलता चला गया। मामला खुलने के बाद पुलिस अब शख्स के खिलाफ फाइनल रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है। आइए जानें क्या है पूरा मामला?

क्या है पूरा मामला?

यूपी के जौनपुर में सूरज भास्कर नाम के एक 24 वर्षीय शख्स पर आरोप है कि एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए उसने अपने ऊपर हमले की झूठी कहानी गढ़ी और खुद अपने पैर का पंजा काट दिया। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि 18 जनवरी को सूचना मिली थी कि सूरज के साथ रात 12 बजे मारपीट की गई थी। वह सुबह सोकर उठा तो उसके बाएं पैर का पंजा कटा मिला था। केवल एड़ी ही बची थी। पुलिस ने सूरज के बयान और तहरीर के आधार पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। सूरज ने पैर कटने के मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया था। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर जांच चल रही थी।

खौफनाक साजिश का हुआ खुलासा

जौनपुर पुलिस का कहना है कि सूरज भास्कर ने डीफार्मा कोर्स किया है। वह नीट की तैयारी कर रहा था। पुलिस को पता चला कि सूरज नीट परीक्षा पास करके डॉक्टर बनना चाहता था। वह पहले के प्रयास में असफल हो चुका था। इसीलिए वह दिव्यांग कोटे से डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था। उसने बीएचयू से दिव्यांग्ता प्रमाण पत्र लेने की कोशिश की, लेकिन असफल हो गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सूरज ने इंटरनेट पर पैर काटने का तरीका सर्च किया और ग्राइंडर से पंजा काट दिया। इसके बाद पैर का पंजा और ग्राइंडर मशीन को पास ही के कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने घटना में प्रयोग में लाए गए ग्राइंडर मशीन को बरामद कर लिया है। हालांकि, सूरज के बाएं पैर का पंजा नहीं मिल सका है। युवक की डायरी से पूरे सच का खुलासा हुआ, जिसमें लिखा था कि '2026 में वह MBBS बनकर रहूंगा’।

पुलिस की जांच में खुली साजिश की गुत्थी


पुलिस ने सूरज के बयान और तहरीर के आधार पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जब संदिग्धों की इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से जांच की जाने लगी तो पता चला उस रात सूरज भास्कर के घर पर कोई मोबाइल नंबर ट्रेस नहीं हो पाया। यानी सूरज के घर पर कोई नहीं आया था। इसके बाद सूरज के मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग शुरू की गई तो कई तथ्य सामने आए। सूरज की प्रेमिका ने पुलिस को बताया कि वह 2026 में किसी भी हाल में एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहता था। अब इस मामले में पुलिस फाइनल रिपोर्ट यानी एफआर लगाने की तैयारी कर रही है। साथ ही, पुलिस धोखे में रखने को लेकर सूरज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।

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