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लखनऊ का जो टुंडे कबाब यूनेस्को की लिस्ट तक पहुंचा वो भी यूपी के One District One Cuisine का हिस्सा नहीं! नॉनवेज को कह दिया नो?

लिस्ट से बाहर रहने वाले डिश में लखनऊ के मशहूर टुंडे कबाब, गलावटी कबाब, अवधी बिरयानी और निहारी शामिल हैं। इसके अलावा रामपुर के प्रसिद्ध रामपुरी मटन कोरमा और सीख कबाब को भी शामिल नहीं किया गया। बरेली के लोकप्रिय मटन व्यंजन भी इस सूची में जगह नहीं बना सके। वहीं, वाराणसी और प्रयागराज अपने खास नॉन-वेज स्ट्रीट फूड और मसालेदार करी के लिए पूरे देश में मशहूर हैं, लेकिन उनके प्रसिद्ध व्यंजन भी सूची से गायब हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 07, 2026 पर 1:11 PM
लखनऊ का जो टुंडे कबाब यूनेस्को की लिस्ट तक पहुंचा वो भी यूपी के One District One Cuisine का हिस्सा नहीं! नॉनवेज को कह दिया नो?
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) ने हस्तशिल्प और उद्योगों को पहचान दी, उसी तर्ज पर अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन’ (ODOC) की शुरुआत की गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार से एक ऐसी पहल की शुरुआत की है, जो सिर्फ खानपान नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई देने वाली है। जिस तरह ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के तर्ज पर अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन’ (ODOC) के जरिए हर जिले के पारंपरिक व्यंजन को ब्रांड बनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन’ (ODOC) की लिस्ट सामने आने के बाद एक विवाद भी खड़ा हो गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी वन प्रोडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट (ODOC) योजना के तहत जिलों के पारंपरिक खाद्य पदार्थों की सूची जारी की है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों को बेहतर पहचान दिलाना, उनकी पैकेजिंग सुधारना और उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाना है। हालांकि, इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश के कई फेमस नॉनवेज डिश को जगह नहीं मिली है, जबकि ये देश और विदेश में काफी लोकप्रिय हैं।

लिस्ट से गलावटी कबाब और अवध बिरयानी गायब

लिस्ट से बाहर रहने वाले  डिश में लखनऊ के मशहूर टुंडे कबाब, गलावटी कबाब, अवधी बिरयानी और निहारी शामिल हैं। इसके अलावा रामपुर के प्रसिद्ध रामपुरी मटन कोरमा और सीख कबाब को भी शामिल नहीं किया गया। बरेली के लोकप्रिय मटन व्यंजन भी इस सूची में जगह नहीं बना सके। वहीं, वाराणसी और प्रयागराज अपने खास नॉन-वेज स्ट्रीट फूड और मसालेदार करी के लिए पूरे देश में मशहूर हैं, लेकिन उनके प्रसिद्ध व्यंजन भी सूची से गायब हैं। इन व्यंजनों को शामिल न किए जाने को लेकर अब खाने के शौकीनों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।

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