Tamil Nadu Election Results: तमिलनाडु से एक ऐसी खबर सामने आई है जिससे एक पुरानी कहावत 'हर वोट मायने रखता है' फिर चर्चा में आ गया है। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एक चौंकाने वाले नतीजे ने राज्य के राजनीति में हलचल मचा दी है। थलापति विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के उम्मीदवार ने शिवगंगा जिले के तिरुपत्तूर निर्वाचन क्षेत्र में एक बड़े मौजूदा मंत्री को सिर्फ एक वोट से हरा दिया। विजय के एक फैन ने दावा किया कि TVK को वोट देने के लिए वह ओमान से तमिलनाडु आया था। उसका दावा कि है उसके वोट से ही टीवीके कैंडिडेट 1 वोट के अंतर से जीता।
TVK उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति ने DMK के मौजूदा मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को हराकर बहुत बड़ी जीत हासिल की। सेतुपति को 83,375 वोट मिले, जबकि उनके विरोधी पेरियाकरुप्पन को 83,374 मत मिले। ऐसे में सेतुपति सिर्फ एक वोट के अंतर से जीत गए। इस चुनावी नतीजे का दिलचस्प पहलू यह है कि एक वोटर ने TVK को वोट देने के लिए मस्कट से सफर तय किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि शायद उनके एक वोट ने विजय के प्रत्याशी को जीत दिलाई।
चर्चा में आया विजय का फैन
ओमान में काम करने वाले NRI मणिकंदन शिवनाथम तिरुपत्तूर में TVK की जबरदस्त जीत के हीरो बनकर उभरे हैं। मणिकंदन ने बताया कि उन्होंने खास तौर पर डेमोक्रेटिक प्रोसेस में हिस्सा लेने के लिए 3,000 km से अधिक का सफर तय किया। उनका कमिटमेंट पहली बार 16 अप्रैल को देखा गया, जब उन्होंने एक पोस्ट शेयर करके कंफर्म किया कि उन्होंने ओमान से अपनी फ्लाइट सिर्फ एक ही मकसद से बुक की थी।
वह था TVK को वोट देना...। सिर्फ एक बैलेट से तय होने वाली रेस में उनका सफर अब एक वोट की ताकत का एक वायरल सबूत बन गया है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने सोमवार को तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक तरह का रिकॉर्ड बनाते हुए सत्तारूढ़ DMK और उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में करारी शिकस्त दी और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं, अन्नाद्रमुक तीसरे स्थान पर रही।
TVK 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। पार्टी को 34% से अधिक वोट शेयर मिला, जो 2000 के बाद बनी किसी भी पॉलिटिकल पार्टी के लिए अब तक का सबसे ज्यादा है। वहीं, सत्ताधारी DMK अलायंस सिर्फ 59 सीटों पर सिमट गया। जबकि AIADMK 47 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही।
विजय को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस (जिसके पास 5 सीटें हैं) पट्टाली मक्कल काची (4), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (2), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (2), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) (2) जैसी छोटी पार्टियों के सपोर्ट की जरूरत होगी।
1967 में राज्य में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है, जब दो द्रविड़ दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी चुनाव में विजयी हुई। इस जीत के साथ ही विजय और टीवीके के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हो गई हैं। पार्टी के संस्थापक विजय अल्पसंख्यक समुदाय (ईसाई धर्म) से राज्य की बागडोर संभालने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है। उनकी पार्टी 108 सीटें जीत कर 234 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। DMK अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में 8,795 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।