कौन सा Air Purifier आपके घर के लिए सही? जानें कैसे करता है ये काम

एयर प्यूरीफायर एक ऐसा उपकरण होता है जो घर की हवा को साफ करने में मदद करता है। यह हवा में मौजूद गंदे कणों को छानकर बाहर निकाल देता है। आइए जानते हैं एयर प्यूरीफायर कैसे काम करता है और इसे लेते समय किन बातों का सावधानी रखनी चाहिए

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 4:01 PM
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एयर प्यूरीफायर इन हानिकारक कणों को कम करने का काम करता है (Photo: Canva)

साफ और शुद्ध हवा हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी होती है। शहरों में बढ़ रह प्रदुषण को देखते हुए लोग अपने घरों में एयर प्यूरीफायर लगवाते हैं। धूल, धुआं, एलर्जी फैलाने वाले कण और प्रदूषण की वजह से लोगों में खांसी, एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसी कारण आजकल एयर प्यूरीफायर लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लोग तेजी से अपने घरों में एयर प्यूरीफायर लगा रहे हैं। तमाम एयर प्यूरीफायर ये दावा करते हैं कि वे घर की हवा को साफ करते हैं, एलर्जी के खतरे को कम करते हैं और सेहत को बेहतर बनाते हैं। आइए जानते हैं क्या होता है एयर प्यूरीफायर और कैसे करता है ये काम

क्या होता है एयर प्यूरीफायर

एयर प्यूरीफायर एक ऐसा उपकरण होता है जो घर की हवा को साफ करने में मदद करता है। यह हवा में मौजूद गंदे कणों को छानकर बाहर निकाल देता है, जिससे घर के अंदर की हवा ज्यादा साफ और सुरक्षित बनती है। धूल, परागकण, धुआं और पालतू जानवरों के बाल या रूसी जैसी चीजें हवा को खराब कर देती हैं और इन्हीं से एलर्जी या सांस से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में एयर प्यूरीफायर इन हानिकारक कणों को कम करने का काम करता है। खासकर उन लोगों के लिए यह ज्यादा फायदेमंद होता है जिन्हें एलर्जी, अस्थमा या सांस लेने में परेशानी रहती है। जब हवा साफ होती है तो छींक, खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं भी कम हो सकती हैं।


एयर प्यूरीफायर के फायदे

एयर प्यूरीफायर के कई फायदे होते हैं, इसी वजह से आजकल बहुत-से घरों में लोग इन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं।

1.  एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद धूल, परागकण और पालतू जानवरों की रूसी जैसे गंदे कणों को छानकर निकाल देते हैं। इससे घर के अंदर की हवा पहले से कहीं ज्यादा साफ हो जाती है।

2. कुछ एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को कम करने में भी मदद करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा घट सकता है।

3. जब हवा में मौजूद नुकसानदायक कण कम हो जाते हैं, तो सांस लेना आसान हो जाता है। एयर प्यूरीफायर एलर्जी और अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, साफ हवा से सांस से जुड़ी बीमारियों और बार-बार होने वाले इन्फेक्शन का खतरा भी घटता है।

4. एयर प्यूरीफायर हवा से एलर्जी पैदा करने वाले कण और जलन करने वाली गंदगी को हटा देते हैं। इससे रात के समय छींक, नाक बंद होना या सांस लेने की परेशानी कम होती है।

कैसे काम करता है एयर प्यूरीफायर

एयर प्यूरीफायर हवा को एक ही बार में नहीं, बल्कि कई आसान चरणों में साफ करते हैं।

1. हवा को अंदर खींचना

एयर प्यूरीफायर सबसे पहले पंखे की मदद से कमरे की हवा को अपने अंदर खींचता है। इससे कमरे में मौजूद गंदी हवा मशीन तक पहुंच जाती है और साफ होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

2. प्री-फिल्टर का काम

सबसे पहले हवा प्री-फिल्टर से गुजरती है। इसमें धूल, बाल और बड़े कण फंस जाते हैं। इससे आगे लगे फिल्टर पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और उनकी उम्र भी बढ़ जाती है।

3. मेन या HEPA फिल्टर

इसके बाद हवा मुख्य फिल्टर से होकर जाती है, जो बहुत छोटे कणों को भी पकड़ लेता है। परागकण, फफूंद और पालतू जानवरों की रूसी जैसे कण यहीं रुक जाते हैं। यही स्टेज हवा को सबसे ज्यादा साफ बनाता है और एलर्जी की परेशानी कम करता है।

4. एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर

अब हवा कार्बन फिल्टर से गुजरती है, जो बदबू, धुआं और केमिकल गैसों को सोख लेता है। इससे हवा ज्यादा ताजा लगती है और सांस लेने में आसानी होती है।

5. UV या आयनाइजर स्टेज

कुछ एयर प्यूरीफायर में आख़िरी स्टेप के तौर पर UV लाइट या आयनाइजर होता है। यह हवा में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में मदद करता है या कणों को ऐसे बना देता है कि वे आसानी से पकड़ में आ जाएं।

किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

मार्केट में एयर प्यूरीफायर के बहुत-से ऑप्शन मौजूद हैं, इसलिए सही मॉडल चुनना थोड़ा मुश्किल लग सकता है।

1.  हर एयर प्यूरीफायर एक जैसी तकनीक पर काम नहीं करता। कुछ HEPA फिल्टर से धूल और एलर्जी वाले कण हटाते हैं, कुछ कार्बन फिल्टर से बदबू और गैस कम करते हैं, जबकि कुछ में UV लाइट या आयनाइजर भी होते हैं। खरीदते समय यह तय करें कि आपको एलर्जी से राहत चाहिए, बदबू हटानी है या दोनों।

2.  एयर प्यूरीफायर उसी कमरे में अच्छा काम करता है, जिसके साइज के हिसाब से वह बना हो। इसलिए खरीदने से पहले यह जरूर देखें कि वह कितने बड़े कमरे के लिए सही है। CADR रेटिंग से यह समझने में मदद मिलती है कि वह हवा को कितनी जल्दी और असरदार तरीके से साफ कर सकता है।

3.  एयर प्यूरीफायर के फ़िल्टर समय-समय पर बदलने पड़ते हैं। आमतौर पर HEPA फिल्टर 6 से 12 महीने तक चलते हैं, जबकि कार्बन फिल्टर को जल्दी बदलना पड़ सकता है। इसलिए यह देखना जरूरी है कि नए फिल्टर आसानी से मिल जाते हैं या नहीं और उनकी कीमत कितनी है।

4.  कुछ एयर प्यूरीफायर चलते समय आवाज करते हैं। इसलिए बेडरूम या ऑफिस के लिए कम आवाज वाला मॉडल चुनना बेहतर होता है। साथ ही ऐसा एयर प्यूरीफायर लें, जिसकी अच्छी रेटिंग और भरोसेमंद सर्टिफिकेशन हो।

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