नोएडा की इस कलाकार की बालकनी में हर दिन जुटते हैं 200 पक्षी, पीछे की कहानी दिल छू लेगी

नोएडा की कलाकार एकता नाहर की सुबह 200 से ज्यादा पंछियों की चहचहाहट से शुरू होती है। उनकी बालकनी अब एक छोटे बर्ड हेवन में बदल चुकी है, जहां गौरैया, तोता, कोयल और कबूतर जैसे पक्षी रोज आते हैं और पूरे माहौल को जीवंत और सुकून भरा बना देते हैं

अपडेटेड Jul 06, 2026 पर 9:47 AM
एकता को पक्षियों से लगाव 2022 में मसूरी की एक फैमिली ट्रिप के दौरान हुआ।

नोएडा की कलाकार एकता नाहर की सुबह एक अलग ही दुनिया से शुरू होती है। जहां ज्यादातर लोग अलार्म की आवाज या ट्रैफिक की हलचल से दिन की शुरुआत करते हैं, वहीं उनकी बालकनी में हर सुबह 200 से ज्यादा पंछियों की चहचहाहट गूंजती है। यह बालकनी अब सिर्फ एक घर का हिस्सा नहीं, बल्कि एक छोटा-सा प्राकृतिक संसार बन चुकी है। यहां गौरैया, तोता, कोयल, सिल्वरबिल और कबूतर जैसे कई पक्षी रोजाना आते हैं और पूरे माहौल को जीवंत कर देते हैं।

हर सुबह यहां पंखों की फड़फड़ाहट, दाने चुगने की हल्की आवाजें और पानी पीते पंछियों का नजारा एक सुकून भरा अनुभव देता है। एकता के लिए यह सिर्फ शौक नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ जुड़ने और उसे वापस बुलाने का एक खूबसूरत तरीका बन गया है, जिसने उनकी बालकनी को एक अनोखे बर्ड हेवन में बदल दिया है।

एक ट्रिप ने बदल दी सोच


एक रिपोर्ट के मुताबिक, एकता को पक्षियों से लगाव 2022 में मसूरी की एक फैमिली ट्रिप के दौरान हुआ। वहां पूरे दिन पक्षियों की आवाजें सुनकर उन्हें एहसास हुआ कि शहरों में यह प्राकृतिक संगीत कितना कम हो गया है।

नोएडा लौटकर शुरू किया छोटा सा प्रयास

नोएडा वापस आने के बाद उन्होंने देखा कि चारों तरफ सिर्फ कंक्रीट ही कंक्रीट है और पक्षियों के लिए जगह बहुत कम है। इसके बाद 2023 में उन्होंने अपनी बालकनी में पौधे लगाए, पानी के बर्तन रखे और अलग-अलग अनाज डालने शुरू किए।

शुरुआत में नहीं आए पक्षी, लेकिन धैर्य रंग लाया

करीब साढ़े तीन महीने तक उनकी कोशिशों के बावजूद कोई पक्षी नहीं आया। लेकिन एक दिन उन्हें वह आवाज सुनाई दी जिसका इंतजार था—एक गौरैया। धीरे-धीरे उनकी बालकनी हर दिन पक्षियों से भरने लगी।

बालकनी बनी सुरक्षित प्राकृतिक आवास

समय के साथ एकता ने समझा कि पक्षी सिर्फ भोजन के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित जगह की तलाश में आते हैं। उनकी बालकनी अब एक छोटा-सा इकोसिस्टम बन चुकी है, जहां पक्षियों को सुरक्षा और आराम दोनों मिलता है।

50 से ज्यादा पौधों के साथ बना मिनी बर्ड हेवन

आज उनकी बालकनी में 50 से ज्यादा तरह के पौधे हैं। उन्होंने पुराने सामान से बर्डहाउस, फीडर और परच भी बनाए हैं। जो जगह पहले सिर्फ बालकनी थी, अब एक खूबसूरत और जीवंत बर्ड हेवन बन चुकी है।

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