'600 से 700 लोगों ने मेरा रेप किया' ब्रिटेन के सांसद ने किया पाकिस्तानी 'ग्रूमिंग गैंग्स' का भंडाफोड़! संसद में पढ़े पीड़िताओं के बयान

UK Grooming Gang: सांसद लोव ने ब्रिटिश संसद में पीड़ितों के जो बयान पढ़कर सुनाए, वे किसी को भी झकझोर कर रख देने वाले हैं। इन बयानों में बच्चियों के साथ चरम क्रूरता, कम उम्र में प्रेगनेंसी गर्भावस्था, डराने-धमकाने और सबसे बढ़कर पुलिस और प्रशासन की लापरवाही की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानियां हैं

अपडेटेड Jun 02, 2026 पर 6:46 PM
UK Grooming Gang: ब्रिटेन के सांसद ने किया पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स का भंडाफोड़! संसद में पढ़े पीड़िताओं के बयान

ब्रिटेन (UK) के सांसद रूपर्ट लोव के एक होश उड़ा देने वाले भाषण ने देश में सालों से चल रहे "ग्रूमिंग गैंग्स" (Grooming Gangs) के खौफनाक चेहरे को एक बार फिर सबके सामने ला दिया है। ये गैंग्स बच्चों के यौन शोषण के धंधे में शामिल हैं। ब्रिटेन सरकार की जांच में सामने आया है कि बच्चों का शोषण करने वाले इन संगठित गैंग्स में ज्यादातर लोग पाकिस्तानी मूल के टैक्सी ड्राइवर और बाजारों में दुकान लगाने वाले व्यापारी हैं।

सांसद लोव ने ब्रिटिश संसद में पीड़ितों के जो बयान पढ़कर सुनाए, वे किसी को भी झकझोर कर रख देने वाले हैं। इन बयानों में बच्चियों के साथ चरम क्रूरता, कम उम्र में प्रेगनेंसी गर्भावस्था, डराने-धमकाने और सबसे बढ़कर पुलिस और प्रशासन की लापरवाही की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानियां हैं।

पीड़ितों की दर्दनाक आपबीती


12 साल की उम्र में दरिंदगी: एक पीड़िता ने बताया कि जब वह सिर्फ 12-13 साल की थी, तब एक दरिंदे ने उसके साथ ऐसी हैवानियत की कि उसे गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाना पड़ा।

सैकड़ों लोगों ने किया रेप: एक अन्य महिला ने बताया कि जब वह 13 साल की थी, तब से उसका शोषण शुरू हुआ। उसने कहा, "तीन सालों के दौरान शायद 600 से 700 अलग-अलग मर्दों ने मेरा रेप किया।"

पुलिसवालों पर भी आरोप: एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में कई पुलिस अधिकारियों ने भी उसका रेप किया।

जानवरों जैसा बर्ताव: एक पीड़ित महिला ने याद किया कि उसने एक वैन के पीछे 15 से 20 लड़कियों को कुत्तों के पिंजरों में बंद देखा था। वहीं, एक अन्य पीड़िता ने बताया कि उसे डराने के लिए कुत्तों का इस्तेमाल किया गया और आस-पास खड़े लोग उसकी मदद करने के बजाय हंस रहे थे, वीडियो बना रहे थे और शर्तें लगा रहे थे।

धमकियां और खौफ: लड़कियों ने बताया कि गैंग के लोग उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते थे, जिससे वे डर के मारे किसी को कुछ बता नहीं पाती थीं।

धर्म और नस्ल का खेल

बयानों में यह बात भी सामने आई कि ये गैंग जानबूझकर गोरी और ईसाई लड़कियों को निशाना बनाते थे।

एक पीड़िता ने बताया कि गैंग के लोग यह सोचकर गोरी लड़कियों को चुनते थे कि उनकी नजरों में ईसाई लड़कियों की कोई इज्जत नहीं थी, जबकि वे अपनी कम्युनिटी (मुस्लिम लड़कियों) को बहुत सम्मान से देखते थे।

एक अन्य पीड़िता ने बताया कि वह गैंग के एक ऐसे लड़के से प्रेग्नेंट हो गई थी, जिसके पिता एक 'इमाम' (मुस्लिम धर्मगुरु) थे। लेकिन उस इमाम ने सब कुछ जानते हुए भी अपने बेटे की दूसरी जगह शादी करा दी और बच्चे से मिलने से मना कर दिया, क्योंकि वे केवल अपनी कम्युनिटी की परवाह करते थे।

लड़कियों ने बताया कि 'ईद' और दूसरे त्योहारों के समय इन लोगों की पार्टियां और बड़ी हो जाती थीं, जहां हिंसा और लड़कियों की संख्या बढ़ जाती थी।

जांच में क्या निकला?

सांसद रूपर्ट लोव ने पिछले साल एक प्राइवेट जांच की थी, जिसमें पता चला कि ब्रिटेन के कम से कम 85 इलाकों में यह घिनौना धंधा चल रहा है। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तानी मूल के पुरुषों वाले ये "रेप गैंग्स" दशकों से सक्रिय हैं और यह समस्या उतनी छोटी नहीं है, जितनी सोची जा रही थी। उन्होंने सरकारी विभागों पर भी इस मामले में आंखें मूंदने का आरोप लगाया।

ग्रूमिंग गैंग्स का इतिहास: प्रशासन की नाकामी

रॉदरहैम स्कैंडल (2001): यह मामला पहली बार करीब दो दशक पहले रॉदरहैम शहर में सामने आया था। लेकिन प्रशासन की ढिलाई के कारण दोषियों को सजा 2010 में जाकर मिली, जब पाकिस्तानी मूल के 5 पुरुषों को जेल भेजा गया।

1,400 से ज्यादा बच्चे हुए शिकार: साल 2014 की एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले रॉदरहैम में 1997 से 2013 के बीच 1,400 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण हुआ। अधिकारियों ने इस पर इसलिए जल्द कार्रवाई नहीं की क्योंकि उन्हें डर था कि उन पर 'नस्लवादी' होने का ठप्पा न लग जाए।

ब्रिटेन सरकार के आंकड़े: साल 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इन गैंग्स से निपटने के लिए एक टास्क फोर्स बनाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यूके में 2023 में बच्चों के खिलाफ 1.15 लाख से ज्यादा यौन अपराध दर्ज हुए, जिनमें से लगभग 4,228 मामले संगठित ग्रुप या गैंग्स से जुड़े थे। टास्क फोर्स ने अपने पहले साल में ही 550 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।

रॉशडेल की जांच (2024): साल 2024 में आई एक और स्वतंत्र जांच में पता चला कि रॉशडेल काउंसिल के लोग 2004 से 2012 के बीच बच्चों के साथ हो रही इस दरिंदगी को पहचानने और स्वीकार करने में पूरी तरह फेल रहे। वहां भी पुलिस कार्रवाई (ऑपरेशन स्पैन) के बाद 9 दोषियों को सजा हुई, जिनमें से 8 ब्रिटिश-पाकिस्तानी पुरुष थे। तब से लेकर अब तक सैकड़ों गिरफ्तारियां और सजाएं हो चुकी हैं।

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