पाकिस्तान में पुलिस और लुटेरों के बीच चलीं गोलियां और ऑस्ट्रेलिया के आदिल अहमद की 9 साल की बिटिया की चली गई जान!

Australian Girl Killed in Pakistan: लूटपाट के तुरंत बाद ही वहां पुलिस पहुंच गई और संदिग्धों के साथ भारी गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस को देखकर लुटेरों ने आदिल अहमद की गाड़ी को ही अपना ढाल बना लिया और पुलिस पर गोलियां बरसाने लगे। अपने परिवार को बचाने के लिए आदिल अहमद ने गाड़ी को वहां से भगाना शुरू किया। लेकिन इसी दौरान पुलिस और लुटेरों की तरफ से चलीं कई गोलियां उनकी कार को चीरती हुई अंदर घुस गईं

अपडेटेड Jun 15, 2026 पर 2:23 PM
यह पूरा परिवार चकवाल में अपने एक रिश्तेदार के घर किसी समारोह में शामिल होने जा रहा था

Pakistan Police Crossfire Incident: पाकिस्तान के चकवाल जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में रहने वाले आदिल अहमद अपने परिवार के साथ पाकिस्तान आए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहां की पुलिस की एक लापरवाही उनकी मासूम बेटी की जान ले लेगी।

एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान हुई अंधाधुंध गोलीबारी में आदिल अहमद की 9 साल की बेटी हानिया की मौत हो गई है। इस हैरान करने वाली घटना के बाद पंजाब पुलिस के 'क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट' (CCD) के सीनियर अधिकारियों ने माना है कि उनके अधिकारी से बहुत बड़ी चूक हुई है और यह बल प्रयोग के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। आइए आपको बताते है आखिर 10 जून की उस काली रात को क्या हुआ था।

मक्का से पाकिस्तान पहुंचे थे आदिल, रिश्तेदार के घर जाते समय हुआ हादसा


पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में रहने वाले आदिल अहमद अपनी पत्नी सिदरा खान, 10 साल के बेटे अकान अहमद और 9 साल की बेटी हानिया के साथ मक्का से पाकिस्तान आए थे। यह पूरा परिवार चकवाल में अपने एक रिश्तेदार के घर किसी समारोह में शामिल होने जा रहा था। लेकिन जैसे ही उनकी गाड़ी सीसीडी ऑफिस के पास पहुंची, बंदूकधारी लुटेरों ने उन्हें रोक लिया और गनपॉइंट पर लेकर उनके कीमती सामान और जेवरात लूट लिए।

मुठभेड़ के बीच फंसा परिवार, पुलिस ने ही दाग दीं गोलियां

आदिल अहमद ने जांचकर्ताओं को बताया कि लूटपाट के तुरंत बाद ही वहां पुलिस पहुंच गई और संदिग्धों के साथ भारी गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस को देखकर लुटेरों ने आदिल अहमद की गाड़ी को ही अपना ढाल बना लिया और पुलिस पर गोलियां बरसाने लगे।

इस जानलेवा और खौफनाक स्थिति से अपने परिवार को बचाने के लिए आदिल अहमद ने गाड़ी को वहां से भगाना शुरू किया। लेकिन इसी दौरान पुलिस और लुटेरों की तरफ से चलीं कई गोलियां उनकी कार को चीरती हुई अंदर घुस गईं।

मासूम हानिया की मौत, मां सुरक्षित पर पिता और भाई घायल

इस अंधाधुंध फायरिंग का नतीजा बेहद दर्दनाक रहा। कार में सवार आदिल अहमद और उनके दोनों बच्चे गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, उनकी पत्नी सिदरा खान इस गोलीबारी में बाल-बाल बच गईं। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 9 साल की नन्ही हानिया ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पंजाब पुलिस ने मानी अपनी बड़ी गलती

इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पंजाब सीसीडी के एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल सोहेल जफर चट्ठा ने अपनी गलती स्वीकार की है।

अधिकारी ने माना कि मौके पर मौजूद पुलिस अफसर को यह गलतफहमी हो गई थी कि लुटेरे पीड़ित परिवार की कार में बैठकर भाग रहे हैं, और इसी गलतफहमी में उसने कार पर सीधे गोलियां चला दीं।

उन्होंने इस घटना को विभाग के 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' और बल प्रयोग से जुड़े कानूनी दिशानिर्देशों का बेहद गंभीर और अक्षम्य उल्लंघन बताया है।

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