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डोनाल्ड ट्रंप को एक और झटका, जज ने दिया रद्द हो चुके टैरिफ के रिफंड का आदेश

ट्रंप की तरफ से पिछले साल भारत समेत करीब 60 देशों के खिलाफ जारी किए गए टैरिफ ऑर्डर्स को इस साल फरवरी महीने में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द घोषित कर दिया। रिफंड का कोर्ट ने अपने 20 फरवरी के फैसले में जिक्र नहीं किया था

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 05, 2026 पर 11:44 AM
डोनाल्ड ट्रंप को एक और झटका, जज ने दिया रद्द हो चुके टैरिफ के रिफंड का आदेश
एक और फेडरल कोर्ट ने रिफंड प्रोसेस को धीमा करने की ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की कोशिश को खारिज कर दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को एक और झटका लगा है। न्यूयॉर्क के एक फेडरल जज ने फैसला सुनाया है कि जो कंपनियां सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए टैरिफ का पेमेंट कर चुकी हैं, उन्हें रिफंड मिलना चाहिए। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, U.S. कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जज रिचर्ड ईटन ने फैसले में लिखा है कि रिकॉर्ड में दर्ज सभी इंपोर्टर्स सुप्रीम कोर्ट के फैसले से फायदा पाने के हकदार हैं।

ट्रंप की तरफ से पिछले साल भारत समेत करीब 60 देशों के खिलाफ जारी किए गए टैरिफ ऑर्डर्स को इस साल फरवरी महीने में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द घोषित कर दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़े लेवी लगाकर अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। कोर्ट ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA), 1977 को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी घोषित किया है। इसी के तहत ट्रंप ने पिछले साल टैरिफ लगाए थे।

ट्रंप सरकार को देना पड़ सकता है 175 अरब डॉलर का रिफंड

अपने फैसले में जज ईटन ने लिखा कि वह अकेले IEEPA ड्यूटी के रिफंड से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे। इस फैसले से टैरिफ रिफंड प्रोसेस के बारे में कुछ स्पष्टता मिली है। रिफंड का अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने 20 फरवरी के फैसले में जिक्र नहीं किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पेन व्हार्टन बजट मॉडल की कैलकुलेशन के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने मिड दिसंबर तक अब बंद हो चुके टैरिफ से 130 अरब डॉलर से ज्यादा इकट्ठा किए। इसे 175 अरब डॉलर रिफंड के तौर पर चुकाने पड़ सकते हैं।

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