सैकड़ों सालों से रेत में दफ्न था खजाने से भरा जहाज, समंदर के जहाज के रेगिस्तान में मिलने की मिस्ट्री सुलझाने में जुटे वैज्ञानिक

नामीबिया के नामीब रेगिस्तान में पुरातत्वविदों को खजाने से भरा सैकड़ों साल पुराना जहाज मिला है। ये जहाज नामीबिया तट पर डूबा था, तो वहां से इतनी दूर रेगिस्तान कैसे पहुंचा? वैज्ञानिकों के लिए भी ये सवाल मिस्ट्री बना हुआ है। आइए जानें क्या है इस जहाज का इतिहास

अपडेटेड Jan 01, 2026 पर 6:20 PM
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आर्कियोलॉजिस्ट डायटर नोली ने जांच के बाद इसके जहाज के अवशेष होने की पुष्टि की है।

दुनिया में कभी-कभी ऐसी चीजें सामने आ जाती हैं, जो दिमाग को हैरत में डाल देती हैं। ऐसा ही कुछ हाल ही में नामीबिया में हुआ। यहां हीरों के खनन के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जब इस क्षेत्र का पानी हटाया गया, तो खुदाई करने वालों को लकड़ी का एक ढांचा मिला। इसके बाद पुरातत्व विभाग को खबर दी गई। पुरातत्वविदों जब गहराई से जां की तो इस ढांचे के जहाज होने का खुलासा हुआ। इसके बाद से स्थानीय लोगों में चर्चा शुरू हो गई है कि पानी का जहाज आखिर रेगिस्तान में कैसे पहुंचा ?

यह 16वीं सदी का पुर्तगाली जहाज है जिसका नाम था ‘Bom Jesus’ (गुड जीसस)! 1533 में लिस्बन से भारत आ रहा ये जहाज तूफान में डूब गया और सदियों तक रेत में दफन रहा। पुरातत्वविदों को इसके अंदर 2000 से अधिक सोने के सिक्के मिले जो किंग जॉन III के जमाने के थे। इसके अलावा 16-17 टन कॉपर इंगॉट्स, 105 हाथी दांत, चांदी के सिक्के, तोपें, तलवारें और नेविगेशन टूल्स भी मिले। पुरातत्व विशेषज्ञों का मानना है कि ये पुर्तगाली नाव (carrack) था, जो भारत से मसाले, रेशम आदि लाने के लिए बनाया गया था। कार्गो ट्रेड गुड्स थे जो एशिया जाने के रास्ते में अफ्रीका से हाथी दांत और कॉपर ले जा रहे थे। इसके अंदर मौजूद खजाने की कीमत करोड़ों-खरबों की बताई जा रही है, जो अब नामीबिया के पास है।

रेत की वजह से जहाज पूरी तरह संरक्षित था। जहाज के इस अवशेष को सूखी, नमकीन रेत ने संरक्षित रखा था। कोई चीज में सड़ी नहीं थी न ही किसी में जंग लगी थी। जहाज का हल्का हिस्सा भी ज्यादातर बरकरार था। लेकिन जहाज और उसमें मौजूद अन्य चीजों का पता नहीं चल पाया है। यात्रा के समय इस जहाज पर उस समय 200 लोग सवार थे।

बताया जाता है, कि यह जहाज 2008 में नामीबिया के ओरान्जेमुंड (Oranjemund) में खदानकर्मियों ने समुद्र का पानी निकालते हुए रेत से बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक, डायमंड कंपनी Namdeb (De Beers और नामीबिया सरकार की जॉइंट वेंचर) के वर्कर्स पानी ड्रेन कर रहे थे। अचानक लकड़ी के टुकड़े, मेटल और हाथी दांत निकलने लगे। आर्कियोलॉजिस्ट डायटर नोली ने जांच के बाद इसके जहाज के अवशेष होने की पुष्टि की है।

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