Nithya Raman: न्यूयॉर्क के मेयर चुनाव में जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत के बाद, अब अमेरिकी राजनीति में एक और भारतीय मूल की महिला धूम मचा रही हैं। केरल में जन्मी नित्या रामन ने लॉस एंजिल्स (LA) के मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने नामांकन की समय सीमा खत्म होने से कुछ ही घंटे पहले इस रेस में शामिल होकर सबको चौंका दिया। नित्या की एंट्री ने लॉस एंजिल्स के चुनाव को बेहद रोमांचक बना दिया है, जहां अब तक मौजूदा मेयर करेन बास का पलड़ा भारी माना जा रहा था।
केरल से हार्वर्ड तक का सफर
44 वर्षीय नित्या रामन का जन्म केरल में हुआ था और वे महज 6 साल की उम्र में अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से राजनीति शास्त्र की पढ़ाई की और MIT से अर्बन प्लानिंग (शहरी नियोजन) में डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शहरी नियोजन और बेघर लोगों की मदद के लिए एक बड़ा गठबंधन नाया था।
नित्या का मानना है कि भारत में उन्होंने जो आर्थिक असमानता देखी, उसने उन्हें सिस्टम की खामियों को समझने में मदद की। वे 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका' (DSA) की समर्थक हैं और 2020 में एक मजबूत उम्मीदवार को हराकर नगर परिषद सीट जीतकर सबको हैरान कर चुकी हैं।
लॉस एंजिल्स के लिए 'ब्रेकिंग पॉइंट'
नित्या ने अपने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि लॉस एंजिल्स शहर इस वक्त एक 'ब्रेकिंग पॉइंट' पर है। उनके एजेंडे में शहर में बढ़ती महंगाई, बेघर लोगों की समस्या, सुरक्षा की चिंता और नगर निगम की बुनियादी खामियां शामिल हैं। उन्होंने तर्क दिया कि शहर को एक ऐसे मेयर की जरूरत है जो पुराने सिस्टम को बदलने का साहस रखता हो और विभागों की जवाबदेही तय करे। उनकी इस बेबाक शैली के कारण उनकी तुलना न्यूयॉर्क के मेयर मजोहरान ममदानी से की जा रही है, जिन्होंने अपनी प्रगतिशील नीतियों से युवाओं का दिल जीता था।
नित्या की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हॉलीवुड अभिनेत्री मिंडी कलिंग जैसी हस्तियां भी उनके साथ नजर आती हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि नित्या 'वेस्ट कोस्ट' (पश्चिमी तट) की ज़ोहराम ममानी साबित हो सकती हैं, जो युवाओं और वामपंथी झुकाव वाले मतदाताओं को बड़ी संख्या में एकजुट करने की क्षमता रखती हैं। उनका मुकाबला अपनी ही पूर्व सहयोगी करेन बास से है, जिससे यह चुनाव अब "दोस्ती बनाम विचारधारा" की लड़ाई बन गया है।