Iran Oil Tanker News: अमेरिकी नौसेना की सख्त निगरानी और समुद्री नाकेबंदी के बावजूद, ईरान का एक विशाल तेल टैंकर (VLCC) 19 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में पहुंच गया है। 'HUGE' नाम का यह इस जहाज होर्मुज में अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड को चमका देते हुए निकलने में कामयाब रहा।
'HUGE' टैंकर ने US Navy को कैसे दिया चकमा?
वेसल-ट्रैकिंग फर्म TankerTrackers.com की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी द्वारा संचालित इस जहाज ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चालाकी बरती। जहाज ने 20 मार्च से अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) सिग्नल बंद कर रखा है, जिससे इसे डिजिटल रूप से ट्रैक करना नामुमकिन हो गया।
इसे आखिरी बार एक हफ्ते पहले श्रीलंका के तट के पास देखा गया था। अब यह इंडोनेशिया के लोम्बोक जलडमरूमध्य (Lombok Strait) से होते हुए रियाउ द्वीपसमूह की ओर बढ़ रहा है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि पिछले कुछ हफ्तों में कम से कम 52 जहाजों ने अमेरिकी समुद्री प्रतिबंधों को तोड़ा है।
'हमारी नाकेबंदी प्रभावी है'
हालांकि डेटा कुछ और कह रहा है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उनकी कार्रवाई सफल रही है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि प्रवर्तन अभियान ने ईरान के तेल निर्यात को काफी कम कर दिया है, जिससे तेहरान को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अरब सागर में USS न्यू ऑरलियन्स (LPD-18) जैसे युद्धपोत तैनात हैं। 20 दिनों के भीतर 48 जहाजों को नियमों का पालन करने के लिए वापस भेजा गया है।
वाशिंगटन ने साफ किया है कि यह पाबंदी ईरानी बंदरगाहों और तटरेखा तक सीमित है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य की पूर्ण नाकेबंदी नहीं है।
ईरान ने दिया है 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव
यह समुद्री तनाव एक ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम का तीसरा हफ्ता चल रहा है। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक 14-सूत्रीय शांति योजना भेजी है। यह प्रस्ताव अमेरिका के 9-सूत्रीय ढांचे का जवाब है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी स्वीकार्यता को लेकर संदेह भी जताया है।
ईरान को कोई भी फीस दी तो होगा एक्शन
दुनिया के 20% तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका कदम उठा रहा है। वहीं अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान को कोई भी भुगतान किया, तो उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। दूसरी तरफ ईरान ने अपने तट के करीब वैकल्पिक मार्ग देने की पेशकश की है, जिसके बदले वह ट्रांजिट फीस मांग रहा है।