US Sinks Iranian Boats: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत अमेरिकी सेना ने ईरानी नौसेना की कई छोटी और तेज रफ्तार नावों को तबाह कर दिया है। इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत अब पूरी तरह पंगु हो चुकी है।
'7 ईरानी नावें की गईं ढेर'
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उन ईरानी नावों को निशाना बनाया जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाजों के रास्ते में बाधा डाल रही थीं। सेंट्रल कमांड ने 6 नावों के डूबने की बात कही है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर दावा किया कि कुल 7 नावें नष्ट की गई हैं। ट्रंप ने इन्हें 'फास्ट बोट्स' बताते हुए तंज कसा कि 'ईरान के पास अब बस यही बचा था।'
ट्रंप ने खुलासा किया कि ईरान ने दक्षिण कोरियाई कार्गो जहाज सहित अन्य देशों के जहाजों पर हमले की कोशिश की। उन्होंने दक्षिण कोरिया से भी इस मिशन में शामिल होने की अपील की है।
क्या है 'प्रोजेक्ट फ्रीडम'?
यह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शुरू किया गया एक सैन्य और रणनीतिक मिशन है। इसका उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही बहाल करना। युद्ध सचिव पेट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन कल सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी देंगे।
10 परमाणु बम बना सकता है ईरान
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के नए आकलन ने वाशिंगटन की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, महीनों के संघर्ष और हमलों के बावजूद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कोई स्थायी नुकसान नहीं हुआ है। साल 2025 की शुरुआत में हुए हमलों ने ईरान के कार्यक्रम को 9 महीने से एक साल पीछे धकेला था, लेकिन हालिया सैन्य कार्रवाई का कोई बड़ा असर नहीं दिखा है।
IAEA का मानना है कि ईरान के पास इतना संवर्धित यूरेनियम है कि वह 10 परमाणु बम बना सकता है। ईरान का ज्यादातर यूरेनियम जमीन के नीचे गहरे बंकरों में छिपा है, जहां अमेरिकी 'बंकर-बस्टिंग' मिसाइलें भी नहीं पहुंच सकतीं।