Trump Warns Iran: अमेरिका बीते 28 फरवरी से ईरान के साथ संघर्ष कर रहा है। ट्रंप लगातार इस युद्ध को लेकर नए-नए दावे करते दिखे है। इन सब के बीच अमेरिका में बात निकल कर सामने आई कि, लंबे समय से जारी इस युद्ध से ट्रंप की छवि को झटका लगा है। ओपिनियन पोल्स में युद्ध और ट्रंप के प्रति अमेरिकी जनता के घटते समर्थन की बात कही गई। व्हाइट हाउस में एक समिट के दौरान ट्रंप ने उन पोल्स को पूरी तरह से 'फर्जी' करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया, तो उसे 'दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा'।
'सर्वे के सवाल ही गलत हैं'
ट्रंप ने युद्ध के समर्थन में कम वोट दिखाने वाले डेटा की जमकर आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि उन्हें जो पोल्स दिखाए जा रहे हैं वे फर्जी हैं, जिनमें केवल 32% लोगों को युद्ध के पक्ष में बताया गया है। ट्रंप ने तर्क दिया कि पोल करने वालों को यह पूछना चाहिए कि क्या ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए? ट्रंप ने कहा कि भले ही वे खुद युद्ध पसंद नहीं करते, लेकिन आज अमेरिकी सेना दुनिया में सबसे बेहतर और आधुनिक हथियारों से लैस है।
प्रोजेक्ट फ्रीडम से होर्मुज में ईरान को बड़ा नुकसान
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान की सात छोटी और तेज रफ्तार नावों को समंदर में डुबो दिया है। साथ ही ईरान द्वारा दक्षिण कोरियाई कार्गो जहाज को निशाना बनाए जाने के बाद ट्रंप ने सियोल से भी इस मिशन में शामिल होने का सुझाव दिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना जहाजों को 'एस्कॉर्ट' करने के बजाय 'गाइड' करने का काम करेगी।
तेहरान के रुख में नरमी और बातचीत की उम्मीद?
तनाव के बीच एक नई कूटनीतिक हलचल भी नजर आ रही है। ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत की मेज पर तेहरान अब पहले के मुकाबले अधिक 'लचीला' नजर आ रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की है कि वे संघर्ष को रोकने के लिए अमेरिका के एक 'काउंटर-प्रपोजल' का आकलन कर रहे हैं।