Bangladesh Unrest: ढाका यूनिवर्सिटी में जुमे की नमाज के बाद हुआ भारत विरोधी प्रदर्शन!

ढाका ने हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए भारत से मदद भी मांगी, लेकिन नई दिल्ली ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और भी खराब हो गए। पूरे बांग्लादेश में जारी अशांति ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, और ढाका यूनिवर्सिटी में तनाव का माहौल बना हुआ है

अपडेटेड Dec 26, 2025 पर 7:00 PM
Story continues below Advertisement
Bangladesh Unrest: ढाका यूनिवर्सिटी में जुमे की नमाज के बाद हुआ भारत विरोधी प्रदर्शन!

फरवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले बांग्लादेश में तनाव का माहौल बना हुआ है। ढाका में भारत विरोधी प्रदर्शन फिर से भड़क उठे हैं। शुक्रवार की नमाज के बाद ढाका यूनिवर्सिटी में एक बड़े जुलूस के दौरान फिर से भारत विरोधी नारे लगाए गए। इस जुलूस का नेतृत्व इन्कलाब मंचो के एक विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी के समर्थकों ने किया। हादी की इस महीने की शुरुआत में हुई हत्या ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश में नए सिरे से अशांति को जन्म दिया।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, "मैं हादी हूं" के नारे हवा में गूंज रहे थे। प्रदर्शनकारी तुरंत सुनवाई और उसके हत्यारों को फांसी देने की मांग कर रहे थे। बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग का दावा है कि हादी की हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद कानून से बचने के लिए उनके हत्यारे बांग्लादेश भाग गए थे।

ढाका ने हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए भारत से मदद भी मांगी, लेकिन नई दिल्ली ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और भी खराब हो गए।


पूरे बांग्लादेश में जारी अशांति ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, और ढाका यूनिवर्सिटी में तनाव का माहौल बना हुआ है। यह यूनिवर्सिटी 2024 के छात्र विद्रोह में अग्रणी भूमिका निभा चुकी है, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कर दिया था।

इसी बीच यूनिवर्सिटी के एक कैंटीन में कल तोड़फोड़ की गई, जहां छात्र नेता अक्सर आते-जाते थे। स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर बनी मधुर कैंटीन की दीवारों पर अब "बहिष्कार" के नारे लिखे हुए हैं। खिड़कियां भी टूटी हुई हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि पत्रकार मोहम्मद कमरुज्जमान कहते हैं- यूनियन ऑफिस के ठीक सामने ये कैंटीन ढाका यूनिवर्सिटी की राजनीति का "बौद्धिक केंद्र" है। उन्होंने आगे कहा कि उपद्रवियों ने शायद एक प्रमुख सभा स्थल पर इस तरह की हिंसा करके ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

रिपोर्ट में कैंटीन के एक कर्मचारी के हवाले से कहा गया, "एक अज्ञात व्यक्ति आया और मेज-कुर्सियां इधर-उधर फेंकने लगा। उसने कुछ नहीं कहा, बस चिल्लाता रहा। कैंटीन में मौजूद छात्रों ने आखिरकार उसे पकड़ लिया और निरीक्षकों की टीम के हवाले कर दिया।"

रिपोर्ट में प्रोथोम आलो अखबार के जले हुए दफ्तर के बाहर के हालात कुछ अलग नहीं हैं। बांग्लादेश में नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका के चलते रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) यहां तैनात है। हादी की मौत के बाद ढाका में फैली व्यापक हिंसा के दौरान भीड़ ने इमारत में आग लगा दी थी।

हादी की हत्या 12 दिसंबर को नकाबपोश बंदूकधारियों ने उस समय कर दी थी जब वे शुक्रवार की नमाज के बाद बैटरी वाले रिक्शा में कहीं जा रहे थे। 18 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया।

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।