बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बांग्लादेश में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। सोमवार को एक हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बता दें कि, बांग्लादेश में पिछले 20 दिनों में हिन्दुओं की हत्या की ये पांचवी घटना है। पत्रकार और ब्लिट्ज़ के संपादक सलाह उद्दीन शोएब चौधरी के मुताबिक, मृतक की पहचान राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है। बताया गया है कि उन्हें जेसोर जिले के मोनिरामपुर इलाके में अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
युवक को बीच सड़क मारी गोली
इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चुनाव से पहले लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश जारी है। खोबोरर कागोज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह गोलीबारी कोपलिया बाजार में लोगों की मौजूदगी के बीच हुई। रिपोर्ट में अबुल बशर के हवाले से बताया गया है कि यह घटना सोमवार शाम करीब 5:45 बजे (स्थानीय समय) हुई। उस वक्त बाजार में मौजूद हमलावरों ने युवक पर गोली चला दी।
नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस ने अब तक न तो किसी की गिरफ्तारी की जानकारी दी है और न ही यह बताया है कि इस वारदात का मकसद क्या हो सकता है। जांच अभी शुरुआती दौर में है। यह घटना बांग्लादेश में हाल के हफ्तों में हिंदू समुदाय से जुड़े लोगों के खिलाफ हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। ऐसे समय में जब देश 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों की तैयारी कर रहा है, इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
हिन्दुओं पर लगातार हो रहे हैं हमले
31 दिसंबर को बांग्लादेश के शरीयतपुर ज़िला में एक हिंदू व्यापारी खोकन दास पर भीड़ ने हमला कर दिया। बताया गया है कि वह अपनी मेडिकल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उन पर हमला हुआ। हमलावरों ने पहले उन्हें चाकू मारा, फिर बुरी तरह पीटा और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से घायल खोकन दास को इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी को सज़ा नहीं मिली है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हाल के दिनों में हुई हिंसक घटनाओं में एक सबसे डरावनी घटना बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िला के भालुका इलाके में सामने आई। यहां 27 साल के हिंदू गारमेंट फैक्ट्री मजदूर दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 18 दिसंबर की रात एक फैक्ट्री के कार्यक्रम के दौरान दीपू पर इस्लाम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें बेरहमी से पीटा गया, कपड़े उतार दिए गए, एक पेड़ से लटका दिया गया और फिर उनके शरीर को आग के हवाले कर दिया गया। बाद में जांच एजेंसियों ने साफ किया कि जिस ईशनिंदा के आरोप के आधार पर भीड़ भड़की थी, उसके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
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