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ममता बनर्जी थीं रुकावट, अब सुवेंदु करेंगे समाधान! बंगाल चुनाव नतीजों पर बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी का तीस्ता जल समझौते पर बड़ा बयान

India Bangladesh Teesta Water Dispute: तीस्ता नदी का विवाद पिछले एक दशक से अधिक समय से भारत और बांग्लादेश के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दौरे के दौरान एक समझौते का प्रस्ताव था, जिसमें तीस्ता के जल का 37.5% बांग्लादेश और 42.5% भारत को आवंटित किया जाना था। तब बंगाल की तत्कालीन सरकार ने कृषि हितों का हवाला देते हुए इस समझौते का कड़ा विरोध किया था, जिसके कारण इसे टालना पड़ा

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड May 06, 2026 पर 9:01 AM
ममता बनर्जी थीं रुकावट, अब सुवेंदु करेंगे समाधान! बंगाल चुनाव नतीजों पर बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी का तीस्ता जल समझौते पर बड़ा बयान
BNP ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के पिछले प्रशासन को इस समझौते में सबसे बड़ी रुकावट करार दिया है

BNP Hails BJP's Historic Win: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद क्षेत्रीय राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का स्वागत किया है। पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि अब दशकों से लंबित तीस्ता जल समझौता जल्द ही हकीकत बन सकेगा। दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने ममता बनर्जी को इस समझौते में सबसे बड़ी बाधा बताया।

BNP ने सुवेंदु अधिकारी को दी बधाई

BNP के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने सुवेंदु अधिकारी और भाजपा को इस जीत के लिए औपचारिक रूप से बधाई दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन से बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होगा।

हेलाल ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार बांग्लादेश के साथ मधुर संबंधों को और मजबूती देगी। पार्टी का मानना है कि यह जीत द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और आपसी सहयोग बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

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