पिछले कुछ सालों के दौरान ब्रिटेन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स ख़बरों में बने हुए हैं। बीते कई महीनों से ऐसे ग्रुपों के बारे में कोई न कोई खबर सामने आ जाती है। वहीं अब ब्रिटेन के सांसद ने पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग्स को लेकर एक डरावना खुलासा किया है। ब्रिटेन के सांसद रूपर्ट लो ने देश के संसद में लंबे समय से चले आ रहे यौन शोषण ग्रूमिंग गैंग्स के मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बना दिया है। लो ने पीड़ित लड़कियों की मार्मिक गवाहियों को पढ़कर सदन को झकझोर दिया और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि, हाल ही में ब्रिटेन की संसद में दिए गए अपने भाषण में रूपर्ट लो ने पीड़ितों की दर्दनाक कहानियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कई मामलों में बच्चों और किशोरों का गंभीर यौन शोषण किया गया, कम उम्र में प्रैग्नेंट होने की घटनाएं सामने आईं और पीड़ितों को डराने-धमकाने की भी शिकायतें मिलीं। रूपर्ट लो ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिस और अन्य संस्थाएं समय पर कार्रवाई करने में विफल रहीं। उनका कहना था कि इन कमियों के कारण कई पीड़ितों को लंबे समय तक न्याय नहीं मिल सका। रूपर्ट लो ने कहा, "मैं चाहता हूं कि पूरी दुनिया उन बातों को सुने, जो हमने पिछले दो हफ्तों में स्वतंत्र जांच के दौरान सुनी हैं। यह ऐसी जांच है, जिसकी नौबत कभी नहीं आनी चाहिए थी।
पीड़ितों की कहानी सुन सन्न रह गए सांसद
गवाहियों में अत्यधिक हिंसा और यौन शोषण के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। एक पीड़िता ने बताया कि जब वह मात्र 12-13 साल की थी, एक अपराधी ने जबरन शराब की बोतल उसके शरीर में डाल दी और शीशा तोड़ दिया। एक अन्य महिला ने दावा किया कि दुर्व्यवहार के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में कई पुलिस अधिकारी भी उसके साथ बलात्कार में शामिल रहे। एक 13 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि तीन साल के दौरान करीब 600-700 अलग-अलग पुरुषों ने उसके साथ रेप किया।
'12 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत'
एक अन्य पीड़िता की गवाही में बताया गया कि आरोपी अक्सर नस्ल और धर्म से जुड़ी अपमानजनक बातें करता था। पीड़िता के अनुसार, वह कहता था कि "गोरी और ईसाई लड़कियां कम सम्मान की हकदार हैं", जबकि "मुस्लिम लड़कियों को अधिक सम्मानित और अच्छे संस्कारों वाली" बताया जाता था। पीड़िता ने कहा कि इस तरह की तुलना का इस्तेमाल उसके साथ हो रहे दुर्व्यवहार को सही ठहराने के लिए किया जाता था। साथ ही, उसे मानसिक रूप से अपमानित करने और उस पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए भी ऐसी बातें कही जाती थीं। रूपर्ट लो ने इन गवाहियों का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ितों को न केवल शारीरिक और यौन शोषण का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। उनका कहना था कि ऐसे मामलों की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।