California Diwali Holiday: कैलिफोर्निया में दिवाली पर हुआ था सरकारी छुट्टी का ऐलान, कोर्ट ने क्यों रद्द कर दिया ये फैसला?
California Diwali Holiday: पिछले महीने कैलिफोर्निया में आए एक कानूनी फैसले ने दिवाली को अमेरिकी राज्य की आधिकारिक मान्यता देने के मामले को संवैधानिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अमेरिका की सुपीरियर कोर्ट ने असेंबली बिल 268 (AB 268) के अहम प्रावधानों को रद्द कर दिया। इस बिल के तहत दीपावली को राज्य में आधिकारिक छुट्टी का दर्जा दिया गया था
California Diwali Holiday: अमेरिकी अदालत के फैसले ने कैलिफोर्निया में दिवाली को मिली आधिकारिक मान्यता को बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है
California Diwali Holiday: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में दिवाली को आधिकारिक सरकारी छुट्टी घोषित किए जाने के फैसले के बाद अब एक बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। हमारी सहयोगी वेबसाइट 'फर्स्टपोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई महीने में आए एक अमेरिकी अदालत के फैसले ने कैलिफोर्निया में दिवाली को मिली आधिकारिक राज्य स्तरीय मान्यता को संवैधानिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।
यूनाइटेड स्टेट्स सुपीरियर कोर्ट के जज स्टीफन एक्विस्टो ने असेंबली बिल 268 (AB 268) के मुख्य प्रावधानों को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि यह कानून अमेरिका के संघीय और कैलिफोर्निया राज्य के संविधान के एस्टैब्लिशमेंट क्लॉज का उल्लंघन करता है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस कानून ने बिना किसी पर्याप्त सेक्युलर आधार के सिर्फ धार्मिक महत्व के आधार पर दिवाली को विशेष प्राथमिकता दी है।
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने पिछले साल अक्टूबर में असेंबली बिल 268 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया था। ये इस साल 1 जनवरी से लागू हुआ था। इसके साथ ही कैलिफोर्निया, पेनसिल्वेनिया और कनेक्टिकट के बाद दिवाली को आधिकारिक मान्यता देने वाला अमेरिका का तीसरा राज्य बन गया था। हालांकि कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है।
जानिए जुलाई में आए कोर्ट के फैसले का क्या है मतलब
जज स्टीफन एक्विस्टो ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि AB 268 का वैधानिक मसौदा धर्मनिरपेक्ष, प्रशासनिक या नागरिक कारणों के बजाय इस त्योहार की आध्यात्मिक व धार्मिक विरासत पर अत्यधिक निर्भर था। जज एक्विस्टो ने अपने फैसले में लिखा कि अदालत ने पाया है कि एबी 268 किसी भी महत्वपूर्ण धर्मनिरपेक्ष विचार के बिना विशेष रूप से इसके धार्मिक महत्व के आधार पर दिवाली को विशेष दर्जा देकर संघीय और राज्य संविधान के कई प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
यह फैसला मुख्य रूप से एस्टैब्लिशमेंट क्लॉज पर केंद्रित है। यह कानून राज्य सरकारों को किसी विशेष धर्म का समर्थन करने या उसे कानूनी प्राथमिकता देने से रोकता है। अदालत के इस फैसले ने कैलिफोर्निया गवर्नमेंट कोड, एजुकेशन कोड और सिविल प्रोसीजर कोड में पूर्व में किए गए संशोधनों पर सीधा प्रहार किया है।
जिन पब्लिक स्कूल जिलों और कम्युनिटी कॉलेजों ने एबी 268 के तहत अपने शैक्षणिक कैलेंडर में बदलाव किए थे, उन्हें आगामी सत्र के लिए कानूनी असमंजस का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राज्य के कर्मचारियों की छुट्टियों से जुड़ी नीतियों पर अपीलों के लंबित रहने तक रोक लगा दी गई है।
क्या था कैलिफोर्निया का असेंबली बिल 268?
कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली के सदस्य एश कालरा द्वारा पेश किए गए और अक्टूबर में गवर्नर न्यूसम द्वारा हस्ताक्षरित एबी 268 के माध्यम से राज्य स्तर पर दिवाली को औपचारिक मान्यता दी गई थी। फैसले से पहले इस कानून के तहत राज्य कर्मचारियों को दिवाली के अवसर पर विशेष रूप से पेड लीव का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। ये अब फैसले के बाद निलंबित हो गई है और अपील के अधीन है। स्कूलों के संदर्भ में इसके तहत K-12 स्कूल जिलों और कम्युनिटी कॉलेजों को यूनियन समझौतों के माध्यम से छुट्टी घोषित करने की अनुमति मिली थी। अब स्थानीय स्तर पर इसपर भी पुनर्विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा नेटिव अमेरिकन डे की तर्ज पर स्कूल पाठ्यक्रमों में दिवाली के सांस्कृतिक इतिहास को शामिल करने का प्रावधान था, जिसे धार्मिक शब्दावली के आधार पर रोक दिया गया है। न्यायिक कामकाज के मामले में इस कानून ने दिवाली को कोर्ट की छुट्टी के रूप में मेंशन नहीं किया था, इसलिए अदालतें पहले की तरह ही खुली रहेंगी।
फैसले पर कम्युनिटी और एक्सपर्ट दे रहे कैसा रिएक्शन?
इस अदालती फैसले पर दक्षिण एशियाई अमेरिकियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कानूनी और सामाजिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए तर्क दिया है कि कोर्ट ने कानून के व्यावहारिक और नागरिक उद्देश्य के स्थान पर सिर्फ उसकी शाब्दिक बनावट को प्राथमिकता दी है। HAF ने स्पष्ट किया कि AB 268 का असल उद्देश्य धर्म का प्रचार करना नहीं बल्कि अकोमोडेशन देना था ताकि स्टूडेंट्स और वर्कर्स बिना किसी शैक्षणिक या प्रोफेशनल नुकसान के इस त्योहार को मना सकें।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जहां अमेरिकी न्यायिक मिसालों (जैसे लिंच बनाम डोनेली केस) के तहत क्रिसमस को उसकी लंबे समय से चली आ रही धर्मनिरपेक्ष स्थिति के कारण संघीय और राज्य की छुट्टी माना जाता है, वहीं धार्मिक त्योहारों को दी जाने वाली नई वैधानिक मान्यताओं को धर्मनिरपेक्षता की कसौटी पर सख्त न्यायिक जांच का सामना करना पड़ता है।
सैक्रामेंटो में एशियन अमेरिकन लेजिस्लेटिव कॉकस अब इस बात का मूल्यांकन कर रहे हैं कि फैसले के खिलाफ कैलिफोर्निया कोर्ट ऑफ अपील में अपील की जाए या संशोधित धर्मनिरपेक्ष भाषा के साथ नया कानून पेश किया जाए।आपको बता दें कि दिवाली को यूनेस्को की ओर से मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में भी आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त है।
अमेरिका के अन्य राज्यों में दिवाली को कैसे मिली है मान्यता?
कैलिफोर्निया में आया कानूनी संकट अमेरिका में तेजी से बढ़ते भारतीय-अमेरिकी समुदाय द्वारा दिवाली को मान्यता दिलाने के अभियानों के बीच आया है। अमेरिका के कई हिस्सों और राज्यों में दिवाली को लेकर अलग अलग व्यवस्था है। 2023-2024 में पेनसिल्वेनिया ने राज्य में रहने वाले हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों की आबादी को देखते हुए दिवाली को आधिकारिक राज्य अवकाश घोषित करने वाला कानून पारित किया था। कनेक्टिकट ने भी दिवाली को आधिकारिक सार्वजनिक राज्य अवकाश के रूप में नॉमिनेट किया है। न्यूयॉर्किंग सिटी गवर्नर कैथी होचुल ने नवंबर 2023 में एक कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत न्यूयॉर्क शहर के सरकारी स्कूलों में दिवाली पर अनिवार्य छुट्टी घोषित की गई।
लॉस एंजिल्स काउंटी ने 2022 से दिवाली को आधिकारिक रूप से मान्यता दी है। न्यू जर्सी, मैसाचुसेट्स, टेक्सस और वर्जीनिया के कई स्कूल जिलों में स्थानीय स्कूल बोर्ड के फैसलों के आधार पर छात्रों को दिवाली पर आधिकारिक छुट्टी दी जाती है।
अमेरिकी राष्ट्रपतियों का दिवाली से जुड़ा इतिहास
फेडरल स्तर पर भले ही अमेरिकी कांग्रेस में दिवाली को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव विचाराधीन हो लेकिन पिछले दो दशकों में व्हाइट हाउस में दिवाली की मौजूदगी रही है। जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन (2003) के दौरान व्हाइट हाउस में पहली बार आधिकारिक दिवाली समारोह की शुरुआत हुई थी। ओबामा 2016 में ओवल ऑफिस में दीया जलाने वाले पहले वर्किंग अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इस परंपरा को जारी रखा और भारतीय-अमेरिकी नेताओं के साथ वार्षिक समारोह और ओवल ऑफिस में दीया जलाने के कार्यक्रमों की मेजबानी की।
बाइडेन प्रशासन ने इतिहास के सबसे बड़े व्हाइट हाउस दिवाली समारोह का आयोजन किया। इसमें राजनयिकों, सांसदों और सामुदायिक नेताओं को ईस्ट रूम में आमंत्रित किया गया। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कांग्रेसवुमन ग्रेस मेंग और कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति जैसे सांसदों द्वारा दिवाली डे एक्ट बार-बार पेश किया जाता रहा है, ताकि थैंक्सगिविंग, क्रिसमस और जूनटींथ की तरह दिवाली को भी संघीय छुट्टी की सूची में शामिल कराया जा सके।
कैलिफोर्निया में अब आगे क्या होगा?
सुपीरियर कोर्ट के जुलाई के आदेश के बाद राज्य के अधिकारी और पैरवी करने वाले संगठन अपने अगले कानूनी कदमों की तैयारी कर रहे हैं। कैलिफोर्निया के न्याय विभाग को अब यह तय करना है कि वे कैलिफोर्निया कोर्ट ऑफ अपील के समक्ष याचिका दायर करें या असेंबली सदस्य एश कालरा के कार्यालय के साथ मिलकर कानून के मसौदे में संशोधन करें ताकि कानूनी मिसालों के अनुरूप धर्मनिरपेक्ष भाषा को शामिल किया जा सके।
कैलिफोर्निया में भारतीय-अमेरिकी आबादी लगातार बढ़ रही है और जल्द ही 10 लाख के आंकड़े को छूने वाली है। ऐसे में इस मामले का नतीजा यह तय करेगा कि अमेरिकी सार्वजनिक जीवन में गैर-पश्चिमी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को किस प्रकार मान्यता दी जाती है। आपको बता दें कि इस साल दिवाली रविवार 8 नवंबर को मनाई जाएगी।