कार सेल्समैन की अचानक खुली किस्मत! बना बेल्जियम का राजकुमार, 26 साल बाद सामने आया राज

बेल्जियम के प्रिंस लॉरेंट ने क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव को आधिकारिक तौर पर अपना बेटा स्वीकार कर लिया है। 26 वर्षीय क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव अब कानूनी तौर पर बेल्जियम के प्रिंस लॉरेंट के बेटे और शाही परिवार के सदस्य माने जाएंगे। इससे पहले वह अपनी रोजी-रोटी के लिए कार बेचने का काम करते थे

अपडेटेड Aug 22, 2026 पर 9:28 AM
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क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव की मां आइरिस वैंडेनकेर्खोव बेल्जियम की जानी-मानी सिंगर और टीवी हस्ती हैं

बेल्जियम में 26 साल के एक कार सेल्समैन की दुनिया अचानक पूरी तरह बदल गई। कार सेल्समैन से युवक सीधा बेल्जियम के शाही परिवार का सदस्य बन गया है। ये कहानी है 26 वर्षीय क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव की। बेल्जियम के प्रिंस लॉरेंट ने क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव को आधिकारिक तौर पर अपना बेटा स्वीकार कर लिया है। 26 वर्षीय क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव अब कानूनी तौर पर बेल्जियम के प्रिंस लॉरेंट के बेटे और शाही परिवार के सदस्य माने जाएंगे। इससे पहले वह अपनी रोजी-रोटी के लिए कार बेचने का काम करते थे। उन्हें आधिकारिक मान्यता देने की प्रक्रिया बेहद निजी तरीके से पूरी की गई और इसकी जानकारी कई महीनों बाद सार्वजनिक हुई।

प्रिंस का दर्जा मिलने के बावजूद क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव को सरकार की ओर से कोई आर्थिक भत्ता नहीं मिलेगा। साथ ही उन्हें शाही परिवार की किसी आधिकारिक जिम्मेदारी में शामिल नहीं किया जाएगा और न ही वह राजगद्दी के उत्तराधिकार क्रम में आएंगे। लेकिन लॉरेंट की निजी संपत्ति में अपने सौतेले भाई-बहनों के बराबर उत्तराधिकार अधिकार रखेंगे।

कब हुई थी मुलाकात


क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव की मां आइरिस वैंडेनकेर्खोव बेल्जियम की जानी-मानी सिंगर और टीवी हस्ती हैं। उन्हें लोग उनके स्टेज नाम वेंडी वैन वॉन्टन से पहचानते हैं। आइरिस और प्रिंस लॉरेंट को 1990 के दशक के अंत में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक साथ देखा गया था। इनमें प्रिंस एडवर्ड और सोफी राइस-जोन्स की शादी का कार्यक्रम भी शामिल था। उस समय दोनों के बीच रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुईं, लेकिन दोनों के रिश्ते की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। क्लेमेंट वैंडेनकेर्खोव का जन्म साल 2000 में हुआ था।

 

सच्चाई जानने के 4 साल बाद किया फोन

क्लेमेंट और प्रिंस लॉरेंट की पहली मुलाकात भी काफी दिलचस्प रही। साल 2013 में दोनों एक शॉपिंग सेंटर में मिले थे, लेकिन उस समय क्लेमेंट को ये पता नहीं था कि सामने वाला व्यक्ति उनका पिता है। अपनी मां से सच्चाई जानने के करीब चार साल बाद क्लेमेंट ने आखिरकार लॉरेंट से संपर्क किया। इसके बाद दोनों की कई मुलाकातें हुईं और रिश्ते को लेकर स्थिति साफ करने के लिए DNA टेस्ट कराया गया। टेस्ट में दोनों के बीच 99.5 प्रतिशत आनुवंशिक मिलान पाया गया, जिसके बाद लॉरेंट ने क्लेमेंट को अपने बेटे के रूप में स्वीकार कर लिया।

 

दोनों के बीच इमोशनल रिश्ता

अब 62 साल के प्रिंस लॉरेंट ने एक बयान जारी कर इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने और क्लेमेंट ने इस मुद्दे पर खुलकर और ईमानदारी से बातचीत की है। साथ ही उन्होंने लोगों से इस मामले को समझदारी से लेने की अपील की और साफ किया कि वह इस बारे में आगे कोई और जानकारी या टिप्पणी नहीं करेंगे। क्लेमेंट और प्रिंस लॉरेंट का रिश्ता सिर्फ औपचारिक नहीं है, बल्कि दोनों के बीच निजी तौर पर भी जुड़ाव दिखाई देता है।

प्रिंस लॉरेंट की कब हुई थी शादी

प्रिंस लॉरेंट और प्रिंसेस क्लेयर साल 2003 में विवाह के बंधन में बंध गए। प्रिंस लॉरेंट और प्रिंसेस क्लेयर के तीन बच्चे हैं, जिनके नाम लुईस, एमेरिक और निकोलस हैं।

नहीं हटाएंगे 'वैंडेनकेर्खोव'

क्लेमेंट आगे अपने परिवार का नाम सैक्स-कोबर्ग रखेंगे या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। उन्होंने फ्लेमिश अखबार हेट निउव्सब्लैड से कहा कि वह शायद ऐसा करना चाहें, लेकिन उन्हें अपने मौजूदा नाम वैंडेनकेर्खोव पर भी गर्व है। उनका कहना है कि यह नाम बदलना उनकी मां के योगदान और उनके लिए किए गए काम से मुंह मोड़ने जैसा होगा। सार्वजनिक पैसे की बात करें तो क्लेमेंट को सरकार की ओर से कोई आर्थिक भत्ता नहीं मिलेगा। 2013 में हुए बदलाव के बाद बेल्जियम के शाही परिवार में केवल किंग फिलिप, पूर्व किंग अल्बर्ट II, प्रिंस लॉरेंट और प्रिंसेस एस्ट्रिड ही सरकारी फंडिंग के हकदार हैं। क्लेमेंट इस सूची में शामिल नहीं होंगे।

इससे पहले भी हो चुका है ऐसा

शाही परिवार में ऐसा मामला पहले भी सामने आ चुका है। प्रिंस लॉरेंट के पिता किंग अल्बर्ट II ने लंबे समय तक डेल्फिन बोएल को अपनी बेटी मानने से इनकार किया था। बाद में 2020 में उन्होंने डेल्फिन को अपनी बेटी स्वीकार कर लिया। कोर्ट की लड़ाई के बाद डेल्फिन को शाही दर्जा मिला और अब वह डेल्फिन डे सैक्स-कोबर्ग के नाम से जानी जाती हैं।

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