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होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच क्यों नहीं घबरा रहा बीजिंग? जानिए चीन की 20 साल पुरानी खास तैयारी के बारे में

Global Oil Crisis-China: दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। चीन, ईरान से आने वाले समुद्री तेल का 80% से ज्यादा हिस्सा खरीदता है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, चीन ने रोजाना औसतन 13.8 लाख बैरल ईरानी तेल का आयात किया

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 9:15 PM
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच क्यों नहीं घबरा रहा बीजिंग? जानिए चीन की 20 साल पुरानी खास तैयारी के बारे में
जहां दुनिया के कई देश सप्लाई चेन टूटने से सहमे हुए हैं, वहीं चीन इस संकट में काफी हद तक शांत नजर आ रहा है

Hormuz Crisis: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से तेल की सप्लाई ठप हो गई है और वैश्विक तेल बाजार में $100 प्रति बैरल से ऊपर की अस्थिरता है। जहां दुनिया के कई देश सप्लाई चेन टूटने से सहमे हुए हैं, वहीं चीन इस संकट में काफी हद तक शांत नजर आ रहा है। इसका कारण कोई चमत्कार नहीं, बल्कि पिछले 20 सालों से बीजिंग द्वारा की गई एक सोची-समझी और बहुस्तरीय तैयारी है।

होर्मुज पर कितनी है चीन की निर्भरता?

दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। चीन अपनी समुद्री तेल आयात का बड़ा हिस्सा ईरान से खरीदता है। चीन ईरान से आने वाले समुद्री तेल का 80% से ज्यादा हिस्सा खरीदता है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, चीन ने रोजाना औसतन 13.8 लाख बैरल ईरानी तेल का आयात किया। चीन बखूबी जानता था कि होर्मुज एक 'चोक पॉइंट' है। अगर यह रास्ता बंद हुआ, तो उसकी अर्थव्यवस्था का पहिया थम सकता है। इसी डर से उसने दो दशक पहले एक 'बैकअप प्लान' पर काम शुरू कर दिया था।

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