US Intelligence Agencies: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट में दावा किया है कि चीन 'नई पीढ़ी' के परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों और क्लासीफाइड आंकड़ों के अनुसार, चीन ने इस अभियान के हिस्से के रूप में पिछले कुछ वर्षों में कम से कम एक सीक्रेट अंडरग्राउंड परमाणु परीक्षण भी किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चीन की परमाणु रणनीति में एक बहुत बड़े बदलाव का संकेत है, जिससे वैश्विक सुरक्षा समीकरण बदल सकते हैं।
600 से ज्यादा परमाणु हथियारों का जखीरा
अमेरिकी अधिकारियों ने सीएनएन (CNN) को बताया कि चीन अपने परमाणु शस्त्रागार का तेजी से विस्तार कर रहा है। फिलहाल चीन के पास लगभग 600 ऑपरेशनल परमाणु हथियार है, लेकिन वह अब इस संख्या को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की योजना बना रहा है। अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि चीन के पास हथियारों की एक ऐसी नई श्रेणी है, जिसका पहले का कोई रिकॉर्ड या डेटा उपलब्ध नहीं है, यानी ये हथियार तकनीक के मामले में बिल्कुल नए और आधुनिक है।
लोप नूर में किया सीक्रेट परमाणु धमाका?
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने अपने उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित बेहद गोपनीय लोप नूर फैसिलिटी सेंटर पर जून 2020 में एक परमाणु विस्फोट किया था। यह परीक्षण 1996 से लागू उस प्रतिबंध का उल्लंघन है जिसे चीन ने खुद स्वीकार किया था। अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री क्रिस्टोफर येव के अनुसार, इस विस्फोट की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.75 दर्ज की गई थी। अतिरिक्त डेटा की जांच के बाद उन्होंने पुष्टि की कि यह एक सिंगल और टारगेटेड परमाणु विस्फोट ही था।
'टैक्टिकल' हथियार बनाकर कर रहा ताइवान जंग की तैयारी
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन पहली बार कम क्षमता वाले 'टैक्टिकल' परमाणु हथियार बना रहा है। इन हथियारों का उपयोग किसी बड़े शहर को तबाह करने के बजाय युद्ध के मैदान में सेना के खिलाफ किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इनका उपयोग उन स्थितियों में करने की योजना बना रहा है, जहां अमेरिका सैन्य रूप से ताइवान की रक्षा करने की कोशिश करेगा।
अमेरिका के आरोप पर चीन की सफाई
इस पूरे मामले पर वाशिंगटन डीसी स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने जवाब दिया है कि अमेरिका चीन की परमाणु नीति को 'मरोड़कर और गलत तरीके से' पेश कर रहा है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि चीन इस प्रोग्राम में भारी निवेश कर रहा है और फरवरी 2026 में भी एक सीक्रेट टेस्टिंग की खबरें आई है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि चीन की यह बढ़ती परमाणु शक्ति आने वाले समय में सैन्य संतुलन को बिगाड़ सकती है।