China: ट्रक के टायर पर बैठ 3 घंटे तक बाढ़ में तैरता रहा शख्स, वजह जानकर भावुक हो जाएंगे आप
दक्षिणी चीन के गुआंग्शी में एक बेटे की बहादुरी की कहानी वायरल हो रही है। बाढ़ में माता-पिता से संपर्क टूटने के बाद 30 वर्षीय शिए ने उनकी तलाश के लिए खतरनाक पानी में तीन घंटे तक तैरकर सफर किया। उसकी हिम्मत और परिवार के प्रति प्यार ने लाखों लोगों का ध्यान खींच लिया
भारी बारिश और कई बांधों के टूटने से आई बाढ़ में 39 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 4,00,000 निवासी प्रभावित हुए हैं।
दक्षिणी चीन से सामने आई एक भावुक कर देने वाली कहानी ने लोगों का दिल जीत लिया है। गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र में रहने वाले 30 साल के जी (Xie) ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की चिंता में ऐसा कदम उठाया, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। लगातार बारिश और भयानक बाढ़ के कारण जब माता-पिता से संपर्क टूट गया, तो बेटे ने इंतजार करने के बजाय खुद उन्हें खोजने का फैसला किया। खतरनाक बाढ़ के पानी, तेज बहाव और मुश्किल हालात के बीच शिए करीब तीन घंटे तक तैरता रहा और अपने माता-पिता तक पहुंचने की कोशिश करता रहा।
इस दौरान उसकी हिम्मत और परिवार के प्रति प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। जी (Xie) की ये कहानी बताती है कि अपनों की चिंता इंसान को बड़े से बड़े खतरे का सामना करने की ताकत दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी लोग उसकी बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं।
बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही
गुआंग्शी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई लोगों की जान भी चली गई। जी (Xie) के माता-पिता किनझोउ शहर के पास एक गांव में रहते थे, जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल था।
पिता चावल बचाने गए और फिर नहीं लौटे
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ का पानी घर के आसपास बढ़ने लगा था। घटना से एक रात पहले जी (Xie) की मां ने उसे फोन कर बताया कि उसके पिता हाल ही में कटे हुए चावल को बचाने के लिए बाहर गए हैं, लेकिन काफी समय बाद भी वापस नहीं लौटे। बिजली कटने और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण जी (Xie) अपने माता-पिता से दोबारा संपर्क नहीं कर पाया। उसे डर सताने लगा कि कहीं उसके 63 वर्षीय पिता बाढ़ के तेज बहाव में बह तो नहीं गए।
टायरों के सहारे शुरू किया खतरनाक सफर
अगली सुबह शिए ने अपने एक दोस्त के साथ माता-पिता के गांव जाने का फैसला किया। शहर से गांव की दूरी करीब 10 किलोमीटर थी और रास्ते में हर तरफ पानी भरा हुआ था। बाढ़ पार करने के लिए दोनों ने एक स्थानीय दुकान से ट्रक के दो पुराने टायर खरीदे और उन्हें तैरने के सहारे के रूप में इस्तेमाल किया।
तेज धार और ठंडे पानी के बीच जारी रही जंग
जी (Xie)पहले से अच्छा तैराक था, लेकिन उसने माना कि यह सफर आसान नहीं था। रास्ते में तेज बहाव और ठंडे पानी ने मुश्किलें बढ़ा दीं। कई जगह उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। बताया गया कि अंतिम एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ही लगभग एक घंटा लग गया।
ऊपरी मंजिल पर फंसे मिले पिता
कई घंटों की मेहनत के बाद जब शिए अपने घर पहुंचा, तो उसने देखा कि बढ़ते पानी के कारण उसके पिता घर की ऊपरी मंजिल पर फंस गए थे। पिता को सुरक्षित देखकर बेटे को राहत मिली। इसके बाद जी (Xie) ने अपने पिता को घर के पीछे बने संकरे रास्ते से निकालकर ऊंचाई वाले दूसरे घर तक पहुंचाया, जहां वह सुरक्षित रह सके।
बेटे ने पहले बचाया, फिर पिता को समझाया
पिता को सुरक्षित देखने के बाद जी (Xie) ने उन्हें डांट भी लगाई। उसने कहा कि चावल बचाने के लिए अपनी जिंदगी खतरे में डालना सही फैसला नहीं था। शिए ने बताया कि पिता उसे देखकर मुस्कुराए थे, लेकिन उसने तुरंत उन्हें समझाया कि किसी भी सामान से ज्यादा जरूरी इंसान की जिंदगी होती है।
मुश्किल समय में बेटे के प्यार की मिसाल
जी (Xie) की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। बाढ़ जैसी खतरनाक स्थिति में अपने माता-पिता के लिए उसकी हिम्मत, चिंता और प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। यह घटना दिखाती है कि परिवार के प्रति जिम्मेदारी और अपनापन इंसान को मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना करने की ताकत दे सकता है।