अमेरिका-इजराइल और ईरान में जारी जंग के बीच भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपने दो युद्धपोत तैनात किए हैं। जानकारी के मुताबिक, भारतीय नौसेना के ये टास्क फोर्स जहाज तेल और गैस लेकर भारत आने वाले व्यापारी जहाजों और टैंकरों को सुरक्षा देंगे। वहीं जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के 7000 से अधिक सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए हैं।
जंग के बीच ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियानों को लेकर कहा कि, संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने पूरे ईरान में 7,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। उनके अनुसार इन हमलों का निशाना ज्यादातर सैन्य और रणनीतिक ठिकाने रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि इन कार्रवाइयों से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च में लगभग 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में करीब 95 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि मिसाइल और ड्रोन बनाने वाले जगहों को भी निशाना बनाया गया है और यह अभियान अभी भी जारी है। उनके मुताबिक हाल के दिनों में 100 से ज्यादा ईरानी नौसैनिक जहाज़ नष्ट या डुबो दिए गए हैं और अलग-अलग दिशाओं से लगातार हमले किए जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईरानी शासन से पैदा होने वाले खतरों को खत्म करने के लिए अमेरिका की सेना पिछले कुछ दिनों से पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है। ट्रंप के अनुसार इस अभियान में ईरान की वायुसेना और नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है, कई युद्धपोत डुबो दिए गए हैं और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम व रडार भी तबाह कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कई दशकों से आतंक से जुड़ा रहा है और अब अमेरिका, इज़राइल की मदद से वह काम कर रहा है जो उनके मुताबिक पहले ही हो जाना चाहिए था।
खर्ग आइलैंड को लेकर कही ये बात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे सैन्य अभियान को लेकर दावा किया कि, अमेरिकी सेना ने खर्ग आइलैंड पर हमला कर वहां के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है। उनके अनुसार इस कार्रवाई में तेल से जुड़े इलाकों को छोड़कर बाकी ढांचे को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की रक्षा उद्योग से जुड़ी क्षमताओं को तेजी से कमजोर कर रहा है और मिसाइल व ड्रोन बनाने की उसकी क्षमता लगभग खत्म होने की स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को डराने की ईरान की क्षमता को भी काफी हद तक खत्म कर दिया गया है और माइन बिछाने वाले 30 से ज्यादा जहाजों को नष्ट कर दिया गया है।